दो घायलों के इलाज के लिए खुला भारत-नेपाल सीमा का झूला पुल, 162 लोगों ने भी की आवाजाही
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नेपाल के दो घायल व्यक्तियों के उपचार के लिए बुधवार को अंतरराष्ट्रीय झूलापुल खोला गया। नेपाल के गोगले निवासी जोगी ओड़ घर में काम करते वक्त घायल हो गए थे। इसके अलावा नेपाल दंतु निवासी देवकी देवी घास काटते समय पहाड़ी से गिरकर घायल हो गई थी। नेपाल के अधिकारियों के आग्रह पर भारत ने झूलापुल खोलकर दरियादिली दिखाई और दोस्ती का रिश्ता निभाया। पुल खुलने के बाद 162 लोगों ने आवाजाही की, जिनमें नेपाल से 71 लोग भारत आए और 91 लोग भारत से नेपाल गए।
उपचार के लिए भारत आए नेपाल के गोगले निवासी जोगी ओड़ और देवकी देवी के पैर में गंभीर चोट आई है। संयुक्त अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जोगी ओड़ को जिला अस्पताल, जबकि देवकी देवी को देहरादून रेफर किया गया। पुल खोलने पर परिजनों ने भारत का आभार जताया। इस दौरान एसएसबी की 11वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह के नेतृत्व में जवानों ने दोनों ओर से आ रहे लोगों के सामान की चेकिंग की। डॉ.पूरन थलाल, फार्मासिस्ट गजेंद्र भोगिया मेडिकल टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग की। इस मौके पर पेशकार खीमानंद भट्ट, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल, विजय गर्ब्याल, जगत बुदियाल, नवीन गिरी, सहित कई लोग मौजूद रहे।
डेढ़ घंटा खोला गया पुल
नेपाल और भारतीय प्रशासन ने एक घंटा पुल खोला। पुल को कम समय के लिए खोलने पर दोनों देशों के व्यापारी भड़क गए। व्यापारियों का आक्रोश बढ़ता देख फिर पुल को डेढ़ घंटे के लिए खोला गया।
नेपाल के घायल व्यक्तियों के उपचार के लिए पुल खोला गया। पुल खुलने के बाद 162 लोगो की आवाजाही हुई। दोनों देशों के नागरिकों ने अपने-अपने रिश्तेदारों को एक दूसरे को आवश्यक दैनिक सामग्री आदान प्रदान की, जिससे लोगों को राहत मिली।
-अनिल कुमार शुक्ला, एसडीएम धारचूला।
आवेदन पर ही अंतरराष्ट्रीय झूलापुल खोलने का विरोध
व्यापारियों ने अंतरराष्ट्रीय झूलापुल को केवल लोगों के आवेदन पत्र पर खोलने का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण सात महीने से झूलापुल बंद है, जिस कारण सीमांत का व्यापार 80 फीसदी प्रभावित हो गया है। इसके बावजूद व्यापारियों की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बुधवार शाम भारत-नेपाल पुल कुछ समय के लिए खोला जाना था। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा के नेतृत्व में व्यापारियों ने झूलापुल के पास एकत्र होकर पुल खोलने का विरोध कर दिया। कहा कि वह प्रशासन से झूलापुल खोलने की मांग को लेकर कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नेपाल और भारतीय प्रशासन आपसी सहमति के बाद लोगों के लिए पुल खोल रहा है, लेकिन व्यापारियों की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पुल खोलने के विरोध में व्यापारियों ने जमकर हंगामा काटा। झूलापुल को लेकर व्यापारियों के विरोध की सूचना मिलते ही कोतवाल विजेंद्र शाह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने व्यापारियों से वार्ता कर किसी तरह उन्हें शांत कराया, जिसके बाद झूलापुल को ढेड़ घंटा खोलने पर सहमति बनी। तब लोगों ने आवाजाही की। व्यापारियों ने कहा कि मामले में बृहस्पतिवार को एसडीएम से वार्ता की जाएगी। कहा कि झूलापुल सप्ताह में कम से कम एक दिन खोला जाना चाहिए।