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मरम्मत के बाद खुला भारत-नेपाल को जोड़ने वाला झूलापुल
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भारत-नेपाल झूलापुल से आवागमन सुचारू होने का इंतजार करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल को जोड़ने वाले झूलापुल से बुधवार को आवाजाही शुरू हो गई। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। मरम्मत के लिए दिन भर पुल से आवाजाही बंद होने के कारण दोनों तरफ के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। आवाजाही शुरू होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
नेपाल के सीमावर्ती जिलों को जोड़ने वाले झूलाघाट कस्बे के झूलापुल पुल की बल्ली टूटने के कारण मंगलवार दोपहर से पुल को बंद कर दिया गया था। पुल के बंद होने से दोनों देशों की सीमाओं में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक फंसे थे। लोनिवि खंड पिथौरागढ़ की जेई रुचि जंगपांगी की देखरेख में श्रमिकों ने तीन मीटर लंबी खराब बल्ली को बदलकर नई बल्ली लगाई।
इसके बाद बुधवार को साढ़े तीन बजे भारत-नेपाल की सीमा पर फंसे 40 से अधिक लोगों के साथ ही अन्य नागरिकों ने भी आवाजाही की। लोनिवि पिथौरागढ़ ने बल्ली को बदलने के बाद टिन लगाने और डामरीकरण का कार्य भी पूरा कर दिया है। मंगलवार दोपहर से आवाजाही बंद होने के बाद भारत और नेपाल के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
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अंग्रेजों ने किया था झूलापुल का निर्माण
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। पिथौरागढ़ और नेपाल के दार्चुला, बैतड़ी, डडेलधूरा जिलों को जोड़ने के लिए अंग्रेजों ने पैदल पुल का निर्माण किया था। इस पुल से रोज दोनों देशों के सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। पुल की मरम्मत का कार्य प्रत्येक तीन वर्ष में लोनिवि करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोनिवि ने छह साल तक पुल की मरम्मत का कार्य नहीं किया, जिससे पुल में लगीं बल्लियां सड़ चुकीं थी और कई जगह पर डामर उखड़ गया था। संवाद
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नेपाल के सीमावर्ती जिलों को जोड़ने वाले झूलाघाट कस्बे के झूलापुल पुल की बल्ली टूटने के कारण मंगलवार दोपहर से पुल को बंद कर दिया गया था। पुल के बंद होने से दोनों देशों की सीमाओं में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक फंसे थे। लोनिवि खंड पिथौरागढ़ की जेई रुचि जंगपांगी की देखरेख में श्रमिकों ने तीन मीटर लंबी खराब बल्ली को बदलकर नई बल्ली लगाई।
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इसके बाद बुधवार को साढ़े तीन बजे भारत-नेपाल की सीमा पर फंसे 40 से अधिक लोगों के साथ ही अन्य नागरिकों ने भी आवाजाही की। लोनिवि पिथौरागढ़ ने बल्ली को बदलने के बाद टिन लगाने और डामरीकरण का कार्य भी पूरा कर दिया है। मंगलवार दोपहर से आवाजाही बंद होने के बाद भारत और नेपाल के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
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अंग्रेजों ने किया था झूलापुल का निर्माण
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। पिथौरागढ़ और नेपाल के दार्चुला, बैतड़ी, डडेलधूरा जिलों को जोड़ने के लिए अंग्रेजों ने पैदल पुल का निर्माण किया था। इस पुल से रोज दोनों देशों के सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। पुल की मरम्मत का कार्य प्रत्येक तीन वर्ष में लोनिवि करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोनिवि ने छह साल तक पुल की मरम्मत का कार्य नहीं किया, जिससे पुल में लगीं बल्लियां सड़ चुकीं थी और कई जगह पर डामर उखड़ गया था। संवाद

झूलाघाट में भारत और नेपाल को जोड़ने वाले पुल की मरम्मत करते मजदूर। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : PITHORAGARH