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आईटीबीपी ने शुरू किया रास्ते के सर्वे का काम
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 24 Feb 2017 10:20 PM IST
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आईटीबीपी ने शुरू किया रास्ते के सर्वे का काम
- फोटो : अमर उजाला
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भारत-तिब्बत सीमा पुलिस सातवीं वाहिनी के जवानों ने गुंजी से लिपुलेख तक पैदल रास्ते का सर्वे शुरू कर दिया है। कैलाश मानसरोवर यात्री इसी रास्ते से होकर तिब्बत में प्रवेश करेंगे। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर अभी भारी मात्रा में बर्फ जमा है। बर्फ से रास्तों को हुए नुकसान का पता लगाकर आईटीबीपी इसकी सूचना विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को भेजेगी।
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि अब भी पैदल यात्रा मार्ग में काफी बर्फ है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से बर्फ पिघलने लगती है। उसके बाद रास्तों की मरम्मत का काम शुरू होगा।
पहले चरण में जवानों को गुंजी से आगे कालापानी, नाभीढांग और लिपुलेख तक भेजा गया है। फिलहाल रास्ते के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी भी गुंजी में 12 सेमी, छियालेख में 20 सेमी, गर्ब्यांग में 10 सेमी, कालापानी में 54 सेमी, नाभीढांग में 65 सेमी और लिपुलेख में 130 से 150 सेमी तक बर्फ जमा है। दूसरे चरण में आईटीबीपी के जवान बर्फबारी के बाद रास्ते को हुए नुकसान की जानकारी एकत्र करेंगे। इस समय पैदल रास्ते में भारी बर्फ जमा होने से जवानों को रस्सियों के सहारे आगे बढ़ना पड़ रहा है।
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आईटीबीपी कैलाश मानसरोवर यात्रियों को मेडिकल सुविधा और सुरक्षा प्रदान करती है। आईटीबीपी डेंजर जोन में अपनी रेस्क्यू टीम को तैनात करती है। इस बार आईटीबीपी ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध करने का फैसला लिया है।
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आईटीबीपी सातवीं वाहिनी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि अब भी पैदल यात्रा मार्ग में काफी बर्फ है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से बर्फ पिघलने लगती है। उसके बाद रास्तों की मरम्मत का काम शुरू होगा।
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पहले चरण में जवानों को गुंजी से आगे कालापानी, नाभीढांग और लिपुलेख तक भेजा गया है। फिलहाल रास्ते के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी भी गुंजी में 12 सेमी, छियालेख में 20 सेमी, गर्ब्यांग में 10 सेमी, कालापानी में 54 सेमी, नाभीढांग में 65 सेमी और लिपुलेख में 130 से 150 सेमी तक बर्फ जमा है। दूसरे चरण में आईटीबीपी के जवान बर्फबारी के बाद रास्ते को हुए नुकसान की जानकारी एकत्र करेंगे। इस समय पैदल रास्ते में भारी बर्फ जमा होने से जवानों को रस्सियों के सहारे आगे बढ़ना पड़ रहा है।
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आईटीबीपी कैलाश मानसरोवर यात्रियों को मेडिकल सुविधा और सुरक्षा प्रदान करती है। आईटीबीपी डेंजर जोन में अपनी रेस्क्यू टीम को तैनात करती है। इस बार आईटीबीपी ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध करने का फैसला लिया है।