पिथौरागढ़: छह दिन से घायल महिला के लिए देवदूत बने आईटीबीपी के जवान, 40 किमी चलकर पहुंचाया अस्पताल
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मुनस्यारी से 40 किमी दूर लास्पा गांव में पत्थर की चपेट में आने से घायल महिला के लिए छह दिन बाद भी हेलीकॉप्टर नहीं आया। शनिवार को भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने दर्द से छटपटा रही महिला को स्ट्रेचर में रखकर मुनस्यारी पहुंचाने का फैसला लिया। बताया जा रहा है कि आईटीबीपी 14 वीं वाहनी के 25 जवानों ने महिला को सड़क तक पहुंचाया।
18 अगस्त को लास्पा निवासी रेखा देवी उम्र (26) पत्नी लक्ष्मण राम मापांग के पास चट्टान से गिरे भारी पत्थर के चपेट में आ गई थी। हादसे में महिला के पैर और सिर में भी गंभीर चोट आ गई थी। मुनस्यारी से लास्पा गांव की दूरी 40 किमी पैदल होने के कारण महिला को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।
#WATCH: ITBP jawans travelled 40-km on foot for 15 hours carrying an injured woman on a stretcher from a remote village, Lapsa to Munsyari in Pithoragarh, Uttarakhand yesterday. During this journey, they crossed flooded nullahs & landslide-prone areas: ITBP pic.twitter.com/kTycp5IizR
— ANI (@ANI) August 23, 2020
डोली में लेकर जाना संभव नहीं था
जिपं सदस्य जगत मर्तोलिया का कहना है कि घटना की जानकारी हादसे के दिन ही मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, कमिश्नर और डीएम को दे दी गई थी। रास्ता बेहद कठिन होने के कारण घायल महिला को डोली में लेकर आना संभव नहीं देखते हुए हेलीकॉप्टर की मांग की गई थी। इसको देखते हुए डीएम के निर्देश पर तहसील प्रशासन भी हेलीपैड के लिए स्थान तलाश कर रहा था।
शनिवार को भी काफी इंतजार के बाद हेलीकॉप्टर के नहीं आने पर परिजनों के अनुरोध पर आईटीबीपी 14 वीं वाहनी के जवान घायल महिला को स्ट्रेचर से मुनस्यारी पहुंचाने के लिए निकले। इन जवानों ने महिला को स्ट्रेचर में रखकर सड़क तक पहुंचा दिया है। घायल महिला को लाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था नहीं होने से लेाग आक्रोशित हैं ।