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कोचिंग संस्थान, सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के लिए जारी करें एसओपी : डीएम
Fri, 02 Aug 2024 12:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 02 Aug 2024 12:09 AM IST
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पिथौरागढ़ में अधिकारियों के साथ बैठक करती डीएम रीना जोशी। संवाद
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में संचालित कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों पर मानसून काल तक रोक लगाने के लिए डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने एसडीएम, ईई लोनिवि, ईई यूपीसीएल, खंड शिक्षा अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित कर कोचिंग संस्थान, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और बरातघर की जांच करने को कहा। उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिकारी को सभी गैर और सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आपदा से बचाव के लिए एसओपी जारी करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को हुई बैठक में डीएम रीना जोशी ने कोचिंग सेंटर और ऐसे भवन जिनके बेसमेंट में विभिन्न प्रकार की मानवीय गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उन भवनों का प्राथमिकता के आधार पर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसून अवधि में किसी प्रकार का जलभराव और अन्य कारणों से होने वाली अप्रिय घटना,जनहानि ना हो इस पर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर को कोचिंग सेंटर, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, बरात घरों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। डीएम ने एसडीएम, ईई लोनिवि, ईई यूपीसीएल, खंड शिक्षा अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने सीईओ और डीपीओ को ऐसे विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्र जो गधेरे, नाले या अन्य आपदा प्रभावित की जद में संभावनाएं बनी है तो ऐसे विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र को चिह्नित करते हुए मानसून अवधि के दौरान सुरक्षित स्थान पर, शिफ्ट करने और सरकारी और गैर सरकारी स्कूल स्टाफ और बच्चों को आपदा के दौरान बचाव के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। बैठक में एसएसपी रेखा यादव, एडीएम डॉ. शिवकुमार बरनवाल, डीडीओ रमा गोस्वामी, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया, डीपीओ डॉ. निर्मल बसेड़ा मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को हुई बैठक में डीएम रीना जोशी ने कोचिंग सेंटर और ऐसे भवन जिनके बेसमेंट में विभिन्न प्रकार की मानवीय गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उन भवनों का प्राथमिकता के आधार पर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसून अवधि में किसी प्रकार का जलभराव और अन्य कारणों से होने वाली अप्रिय घटना,जनहानि ना हो इस पर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर को कोचिंग सेंटर, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, बरात घरों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। डीएम ने एसडीएम, ईई लोनिवि, ईई यूपीसीएल, खंड शिक्षा अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित करने के भी निर्देश दिए।
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उन्होंने सीईओ और डीपीओ को ऐसे विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्र जो गधेरे, नाले या अन्य आपदा प्रभावित की जद में संभावनाएं बनी है तो ऐसे विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र को चिह्नित करते हुए मानसून अवधि के दौरान सुरक्षित स्थान पर, शिफ्ट करने और सरकारी और गैर सरकारी स्कूल स्टाफ और बच्चों को आपदा के दौरान बचाव के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। बैठक में एसएसपी रेखा यादव, एडीएम डॉ. शिवकुमार बरनवाल, डीडीओ रमा गोस्वामी, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया, डीपीओ डॉ. निर्मल बसेड़ा मौजूद रहे।
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