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पिथौरागढ़ विकास भवन में नेम प्लेट के साइनबोर्ड में अब होंगे पारंपरिक ऐंपण के दीदार
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साइनबोर्ड में ऐंपण कला को दिखाती निशा पुनेठा।
- फोटो : PITHORAGARH
दीपक कापड़ी
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ विकास भवन में अधिकारियों की नेम प्लेट और साइनबोर्ड में अब पारंपरिक ऐपण कला के दीदार होंगे। पिथौरागढ़ में डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की पहल पर निशा पुनेठा नेम प्लेट और साइनबोर्ड में पारंपरिक ऐपण बनाने का कार्य कर रही हैं। ये उत्तराखंड में पहला प्रयोग होगा जब विलुप्त हो रही ऐपण कला को बचाने के लिए विकास भवन में अधिकारियों की नेम प्लेट और साइनबोर्ड में ऐपण बनाने का कार्य किया जा रहा है। निशा इस कार्य के साथ-साथ अन्य बच्चों को भी ऐपण कला की बारीकियां सिखा रही हैं।
पिथौरागढ़ निवासी निशा पुनेठा को बचपन से ही ऐपण बनाने का शौक रहा है। उन्होंने इंटर तक की परीक्षा जीजीआईसी से पास करने के बाद उच्च शिक्षा एसएसजे परिसर अल्मोड़ा से ड्राइंग और पेंटिंग में बीए और एमए किया। निशा आठ साल की उम्र से अपने पिता स्व. जगदीश चंद्र पुनेठा से ऐपण बनाने की बारीकियां सीखीं। वह कई अन्य स्थानों में वॉल पेंटिंग, चौकियां, कलश, ऐपण बनाकर स्वरोजगार भी कर रही हैं।
छोटे बच्चों को भी सिखा रही हैं ऐपण बनाने के गुर
निशा पुनेठा सरस बाजार में बच्चों को ऐपण बनाने की बारीकियां भी सिखा रही हैं। निशा का कहना है कि पहले ऐपण बहुत चलन में थे। बदलते समय के साथ अब इसका चलन काफी कम हुआ है। हम सब को मिलकर ऐपण को देश दुनिया में अलग पहचान दिलाने के लिए इस तरह के कार्य करने होंगे, जिससे हमारी पारंपरिक संस्कृति बची रहे।
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ऐपण कला का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से विकास भवन में साइनबोर्ड और नेम प्लेट में ऐपण बनाने का कार्य किया जा रहा है। ऐपण कलाकार निशा पुनेठा इस कार्य को कर रही हैं। शीघ्र ही अन्य विभागों में भी साइनबोर्ड और नेम प्लेट में ऐपण कला को अंकित किया जाएगा। -डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, डीएम पिथौरागढ़।
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ विकास भवन में अधिकारियों की नेम प्लेट और साइनबोर्ड में अब पारंपरिक ऐपण कला के दीदार होंगे। पिथौरागढ़ में डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की पहल पर निशा पुनेठा नेम प्लेट और साइनबोर्ड में पारंपरिक ऐपण बनाने का कार्य कर रही हैं। ये उत्तराखंड में पहला प्रयोग होगा जब विलुप्त हो रही ऐपण कला को बचाने के लिए विकास भवन में अधिकारियों की नेम प्लेट और साइनबोर्ड में ऐपण बनाने का कार्य किया जा रहा है। निशा इस कार्य के साथ-साथ अन्य बच्चों को भी ऐपण कला की बारीकियां सिखा रही हैं।
पिथौरागढ़ निवासी निशा पुनेठा को बचपन से ही ऐपण बनाने का शौक रहा है। उन्होंने इंटर तक की परीक्षा जीजीआईसी से पास करने के बाद उच्च शिक्षा एसएसजे परिसर अल्मोड़ा से ड्राइंग और पेंटिंग में बीए और एमए किया। निशा आठ साल की उम्र से अपने पिता स्व. जगदीश चंद्र पुनेठा से ऐपण बनाने की बारीकियां सीखीं। वह कई अन्य स्थानों में वॉल पेंटिंग, चौकियां, कलश, ऐपण बनाकर स्वरोजगार भी कर रही हैं।
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छोटे बच्चों को भी सिखा रही हैं ऐपण बनाने के गुर
निशा पुनेठा सरस बाजार में बच्चों को ऐपण बनाने की बारीकियां भी सिखा रही हैं। निशा का कहना है कि पहले ऐपण बहुत चलन में थे। बदलते समय के साथ अब इसका चलन काफी कम हुआ है। हम सब को मिलकर ऐपण को देश दुनिया में अलग पहचान दिलाने के लिए इस तरह के कार्य करने होंगे, जिससे हमारी पारंपरिक संस्कृति बची रहे।
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ऐपण कला का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से विकास भवन में साइनबोर्ड और नेम प्लेट में ऐपण बनाने का कार्य किया जा रहा है। ऐपण कलाकार निशा पुनेठा इस कार्य को कर रही हैं। शीघ्र ही अन्य विभागों में भी साइनबोर्ड और नेम प्लेट में ऐपण कला को अंकित किया जाएगा। -डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, डीएम पिथौरागढ़।