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Pithoragarh News: बेलपट्टी के गांवों में पानी के इंतजाम में ही गुजर रहा दिन
Sun, 06 Apr 2025 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 06 Apr 2025 10:46 PM IST
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गंगोलीहाट के बेलपट्टी के गांव में पानी लेने जातीं युवतियां। स्रोत: संवाद
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। गर्मी शुरू होते ही बेलपट्टी के कई गांवों में ग्रामीणों के लिए पानी की व्यवस्था करना कठिन हो गया है। गांवों में परिवार का एक सदस्य दूर स्रोतों से पानी ढोने में लगा हुआ है। इसमें पूरा दिन बीत जा रहा है। बेलपट्टी क्षेत्र में हर साल गर्मियों में लोगों को जल संकट से जूझना पड़ता है।
बेलपट्टी क्षेत्र के अस्कोड़ा, रोतेड़ा, बडेना, चोड़धुरौली, नगल्टी, ड्यूलहरडाकोट, चहज, जरमाल गांव, बुंगली, नाली, भामा सहित अनेक गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचना शुरू हो गया है। इन गांवों में से अधिकतर के पास पानी की कोई योजना नहीं है। जिन गांवों के पास योजना है वह ग्राम पंचायत के पास है। उनका रखरखाव नहीं होने से योजनाएं ध्वस्त पड़ी हैं।
बारिश नहीं होने से गांवों के नौले और धारे सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं। लगभग पांच हजार की आबादी दो से तीन किमी दूर जाकर पानी की व्यवस्था कर रही है। मवेशियों को दूर गधेरे में ले जाकर पानी पिलाना पड़ रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता रुपेश आर्य ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी वाले गांव निगल्टी, ड्यूलहडाकोट और चहज के लिए एक-दो दिन में टैंकर से पानी की व्यवस्था की जाएगी।
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बेलपट्टी क्षेत्र के अस्कोड़ा, रोतेड़ा, बडेना, चोड़धुरौली, नगल्टी, ड्यूलहरडाकोट, चहज, जरमाल गांव, बुंगली, नाली, भामा सहित अनेक गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचना शुरू हो गया है। इन गांवों में से अधिकतर के पास पानी की कोई योजना नहीं है। जिन गांवों के पास योजना है वह ग्राम पंचायत के पास है। उनका रखरखाव नहीं होने से योजनाएं ध्वस्त पड़ी हैं।
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बारिश नहीं होने से गांवों के नौले और धारे सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं। लगभग पांच हजार की आबादी दो से तीन किमी दूर जाकर पानी की व्यवस्था कर रही है। मवेशियों को दूर गधेरे में ले जाकर पानी पिलाना पड़ रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता रुपेश आर्य ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी वाले गांव निगल्टी, ड्यूलहडाकोट और चहज के लिए एक-दो दिन में टैंकर से पानी की व्यवस्था की जाएगी।
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