आवास योजना के लिए 2011 की गणना बनेगी आधार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार ने इंदिरा आवास योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना कर दिया है और इस योजना में चयन के लिए 2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक और जाति के आधार पर गणना को आधार माना जाएगा।
योजना के तहत लाभान्वित किए जाने वाले पात्र को अधिकतम 1.25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। नई आवास योजना के लिए जिला प्रशासन के पास गाइड लाइन आ गई है।
पात्रता के चयन में अब किसी प्रकार का हेरफेर इसलिए नहीं होगा क्योंकि 2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक और जाति गणना में हर व्यक्ति का सारा ब्योरा अंकित है।
इसी आधार पर पात्रों की सूची तैयार होगी। उसके बाद उनकी अलग-अलग श्रेणी के आधार पर सूची बनेगी। अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यकों और सामान्य श्रेणी के लोगों की सूची बनेगी।
इस सूची में यदि ग्राम पंचायत को महसूस होता है कि किसी वास्तविक पात्र का नाम सूची के नीचे रह गया है तो वह उसे वरीयता में लाने के लिए संशोधन करा सकता है लेकिन इससे ज्यादा फेरबदल का अधिकार ग्राम पंचायत को भी नहीं होगा।
केंद्र सरकार से गाइडलाइन आने के बाद जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार को इसे लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित होने वालों के स्पष्ट गाइडलाइन बनी हुई है।
2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक और जातिगत गणना को ही इसका आधार माना जाएगा। अभी यह सर्वे किया जा रहा है कि जिले में कितने लोग इस योजना के दायरे में आ सकते हैं। इसके लिए आठों विकासखंडों की सूची तैयार की जाएगी। उसी के आधार पर केंद्र सरकार को प्रस्ताव जाएगा और धनराशि की डिमांड भेज दी जाएगी।