फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   House not found for money

मकान के लिए नहीं मिला धन

Sun, 17 Dec 2017 10:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Sun, 17 Dec 2017 10:14 PM IST
विज्ञापन
House not found for money
पलेत गांव में जर्जर हालत में पहुंचा कमला जोशी का मकान - फोटो : अमर उजाला

इस तहसील के अंतर्गत इग्यारदेवी के पास पलेत गांव में दो परिवार जर्जर हो चुके मकानों में रहने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन करने के बाद भी इन दोनों के लिए मकान स्वीकृत नहीं हो पाए।

विज्ञापन


हालांकि, डीएम सी रविशंकर ने 11 अप्रैल को जनता दरबार में यह मामला आने पर राजस्व विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए थे कि दोनों परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए रिपोर्ट तैयार करें, लेकिन एक सप्ताह बीतने पर भी राजस्व विभाग के अधिकारी न तो पलेत गांव पहुंचे और न रिपोर्ट ही तैयार की। अब यह मामला सोमवार को एक बार फिर से डीएम के जनता दरबार में उठने वाला है।
विज्ञापन


बताया गया कि पलेत गांव निवासी कमला जोशी पत्नी जगदीश चंद्र जोशी और उनकी जेठानी गीता जोशी पत्नी स्व. गोपाल दत्त जोशी का मकान छह माह पहले आपदा के समय ध्वस्त हो गया था। मकान ध्वस्त होने की सूचना दोनों परिवारों ने आपदा नियंत्रण कक्ष को दे दी थी, लेकिन दोनों परिवारों को तात्कालिक मदद भी नहीं दी गई। बाद में कमला जोशी ने अपने मकान की छत पर तो प्लास्टिक डालकर बारिश का पानी रोकने का प्रयास किया है और गीता जोशी जर्जर हो चुके इस मकान को छोड़कर दूसरे के मकान में चली गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लंबे समय तक मकान के लिए धनराशि न मिलने के कारण इन दोनों ने पिछले दिनों डीएम के जनता दरबार में गुहार लगाई थी। डीएम ने आदेश दिया कि दोनों परिवारों को मकान बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना से धन दिया जाए और इसके कागजात तैयार किए जाएं। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने रविवार को पलेत गांव जाकर दोनों मकानों को देखा। उन्होंने कहा कि इन गरीबों के लिए मकान स्वीकृत न करना अन्याय है। 


दोनों परिवारों के पास शौचालय नहीं
पलेत गांव की कमला जोशी और गीता जोशी का परिवार आज भी खुले में शौच करता है। सरकारी आंकड़ों में जिले को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त घोषित किया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। कमला और गीता को पहले रहने के लिए मकान की जरूरत है। शौचालय के बारे में फिर सोचेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed