{"_id":"65ad4a693789a936c70d1d8d","slug":"hiljatra-artiste-will-be-seen-in-badrish-pichhode-on-the-path-of-duty-pithoragarh-news-c-230-1-pth1001-9433-2024-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: कर्तव्य पथ पर बद्रीश पिछोड़े में दिखेंगी हिलजात्रा की कलाकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: कर्तव्य पथ पर बद्रीश पिछोड़े में दिखेंगी हिलजात्रा की कलाकार
Sun, 21 Jan 2024 10:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 21 Jan 2024 10:16 PM IST
विज्ञापन
पहाड़ी ईकार्ट की ओर से बनाई गई बद्रीश पिछोड़ी। स्रोत: मंजू टम्टा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिनेश अवस्थी
पिथौरागढ़। गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भाव राग ताल नाट्य अकादमी पिथौरागढ़ की ओर से हिलजात्रा की आकर्षक प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें महिला कलाकार के पहनने वाले बद्रीश पिछोड़ा को देहरादून की पहाड़ी ईकार्ट कंपनी ने तैयार किया है। इस पिछोड़े की खासियत यह है कि इसमें भगवान बदरीनाथ को चढ़ाए जाने वस्त्र के छोटे से अंश का प्रयोग किया जाता है।
नाट्य अकादमी के निर्देशक कैलाश कुमार ने बताया कि उन्हें ईकार्ट की संस्थापक मंजू टम्टा ने हिलजात्रा के कलाकारों के पहनने के लिए तीन बद्रीश पिछोड़े भेंट किए हैं। 26 जनवरी को हिलजात्रा की झांकी के साथ चलने वाली एक महिला पात्र इस पिछोड़े में नजर आएंगी।
ईकार्ट की संस्थापक मंजू का मायका लोहाघाट के डेंसली गांव और ससुराल गंगोलीहाट के चहज में है। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से इस पिछोड़े की काफी मांग है। बताया कि अप्रैल तक की अग्रिम बुकिंग मिल चुकी है। इसके लिए उन्होंने 20 महिलाओं को रोजगार दिया है जो माह में करीब 30 पिछोड़े तैयार कर उनकी पैकिंग आदि का कार्य करती हैं। यह पिछोड़े अमेजन कंपनी पर भी उपलब्ध हैं। संवाद
विज्ञापन
बद्रीश पिछोड़ी की यह है खासियत
पिथौरागढ़। ऑनलाइन कंपनी पहाड़ी ईकार्ट की संस्थापक मंजू ने बताया कि बद्रीश पिछोड़ी में सिर पर रखने वाले पल्लू के पास स्वास्तिक का चिन्ह बना होता है। इसमें सूर्य, चंद्रमा, शंख, घंटा के चिन्ह बने होते हैं। शादी के समय कन्या के सोलह श्रृंगार में यह रखा जाता है। स्वास्तिक का चिह्न खुशहाली का प्रतीक है। अन्य चिह्नाें का अर्थ बच्चे सूर्य की तरह ऊर्जावान बनें, चंद्र की तरह खूबसूरत हों और हर बुरी नजर से बचे रहें। संवाद
विज्ञापन
पिथौरागढ़। गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भाव राग ताल नाट्य अकादमी पिथौरागढ़ की ओर से हिलजात्रा की आकर्षक प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें महिला कलाकार के पहनने वाले बद्रीश पिछोड़ा को देहरादून की पहाड़ी ईकार्ट कंपनी ने तैयार किया है। इस पिछोड़े की खासियत यह है कि इसमें भगवान बदरीनाथ को चढ़ाए जाने वस्त्र के छोटे से अंश का प्रयोग किया जाता है।
नाट्य अकादमी के निर्देशक कैलाश कुमार ने बताया कि उन्हें ईकार्ट की संस्थापक मंजू टम्टा ने हिलजात्रा के कलाकारों के पहनने के लिए तीन बद्रीश पिछोड़े भेंट किए हैं। 26 जनवरी को हिलजात्रा की झांकी के साथ चलने वाली एक महिला पात्र इस पिछोड़े में नजर आएंगी।
विज्ञापन
ईकार्ट की संस्थापक मंजू का मायका लोहाघाट के डेंसली गांव और ससुराल गंगोलीहाट के चहज में है। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से इस पिछोड़े की काफी मांग है। बताया कि अप्रैल तक की अग्रिम बुकिंग मिल चुकी है। इसके लिए उन्होंने 20 महिलाओं को रोजगार दिया है जो माह में करीब 30 पिछोड़े तैयार कर उनकी पैकिंग आदि का कार्य करती हैं। यह पिछोड़े अमेजन कंपनी पर भी उपलब्ध हैं। संवाद
विज्ञापन
बद्रीश पिछोड़ी की यह है खासियत
पिथौरागढ़। ऑनलाइन कंपनी पहाड़ी ईकार्ट की संस्थापक मंजू ने बताया कि बद्रीश पिछोड़ी में सिर पर रखने वाले पल्लू के पास स्वास्तिक का चिन्ह बना होता है। इसमें सूर्य, चंद्रमा, शंख, घंटा के चिन्ह बने होते हैं। शादी के समय कन्या के सोलह श्रृंगार में यह रखा जाता है। स्वास्तिक का चिह्न खुशहाली का प्रतीक है। अन्य चिह्नाें का अर्थ बच्चे सूर्य की तरह ऊर्जावान बनें, चंद्र की तरह खूबसूरत हों और हर बुरी नजर से बचे रहें। संवाद