ख्वांतड़ी गांव में भारी बारिश से तबाही
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देवलथल तहसील के ग्राम पंचायत ख्वांतड़ी के अंतर्गत गोयता तोक में रविवार रात भारी बारिश से तबाही मची है। खेतों में मलबा पट गया है और मकानों में दरार आ गई है। उफनाए बरसाती नाले में आणा गांव निवासी होशियार सिंह के दो खच्चर बह गए। इनमें से एक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। प्रभावित व्यक्ति ने तहसीलदार को पत्र लिखा है। गांव को जोड़ने वाले पैदल रास्ते ध्वस्त हो गए हैं। मानसून सीजन शुरू होने से पहले आई आपदा से लोग भयभीत हैं। गांव की पेयजल लाइन, सिंचाई नहर भी टूट गई है। सोमवार को प्रभारी तहसीलदार देव गिरी ने गांव का दौरा करने के बाद रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है।
जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने आपदा प्रबंधन विभाग को भेजे पत्र में कहा है कि गोयता तोक के ललित राम, मनोज कुमार, जगत राम, हरी राम, गणेश राम, अमर राम, पुष्कर राम, शंकर राम, गोविंद राम, जमन राम, राजेंद्र राम और भगवान राम के खेतों में भारी मलबा पट गया है। यह सभी गरीब किसान हैं। बताया गया है कि गोयता तोक के पास बहने वाले नाले का प्रवाह अचानक बढ़ गया। नाले के साथ बहकर आया सारा मलबा लोगों के खेतों में घुस गया। भारी बारिश के दौरान देवलथल-कनालीछीना सड़क भी बाधित हो गई।
बारिश के रुख को देखकर लोग दहशत में हैं। आपदा की दृष्टि से अब तक सुरक्षित माने जाने वाले इस गांव में तबाही मचने से लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। जिला पंचायत सदस्य ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में सुरक्षा के उपाय किए जाएं और क्षतिग्रस्त जमीन का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जल्दी से सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो गांव को मानसून के समय गंभीर खतरा हो सकता है।
पिथौरागढ़ में बारिश का क्रम जारी, चोटियों पर हिमपात
पिथौरागढ़/मुनस्यारी। जिले में बारिश का क्रम जारी है। सोमवार को अपरान्ह तीन बजे से गरज के साथ बारिश हुई। जिला मुख्यालय में बारिश से करीब एक घंटे तक जनजीवन प्रभावित रहा। उधर, मुनस्यारी में पिछले दस दिनों से शाम को रोज हो रही बारिश से सामान्य जीवन और पर्यटन व्यवसाय पर असर पड़ा है। सोमवार को भी मुनस्यारी की चोटियों पर हिमपात हुआ। मौसम मौसम विभाग से मिले पूर्वानुमान के आधार पर जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने फिर से अलर्ट जारी किया है। इस दौरान संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने सभी एसडीएम से कहा है कि अपने-अपने इलाके में नजर रखें और तहसील आपदा कंट्रोल रूम को सक्रिय रखें। किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को तैयार रहना होगा। जिले के घाटी वाले इलाकों में रोज हो रही बारिश से गर्मी का असर समाप्त हो गया है। जंगलों की आग पूरी तरह नियंत्रित है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-5.6 एमएम
बेड़ीनाग-1.4 एमएम
मुनस्यारी-7.0 एमएम
गंगोलीहाट-21.0 एमएम
डीडीहाट-1.0 एमएम
धारचूला-2.0 एमएम