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Pithoragarh News: वार्ड बॉय के भरोसे संचालित हो रहा आयुर्वेदिक अस्पताल
Sun, 15 Jun 2025 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 15 Jun 2025 11:10 PM IST
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पिथौरागढ़। नेपाल से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हैं। इसका उदाहरण पीपली का आयुर्वेदिक अस्पताल है। पहले इस अस्पताल के एकमात्र चिकित्सक का तबादला हुआ। अब फार्मासिस्ट का भी स्थानांतरण कर दिया है। डॉक्टर और फार्मासिस्ट नहीं होने के कारण वार्ड बॉय के भरोसे इस अस्पताल का संचालन हो रहा है।
पीपली, बचकोट, गाजरी, डौड़ा सहित नेपाल सीमा से लगे आसपास के लगभग 12 गांवों के लोग बीमार पड़ने पर राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पीपली पर निर्भर रहते हैं।
कुछ वर्ष पूर्व तक इस अस्पताल में पूरा स्टाफ था। तीन साल पहले अस्पताल के चिकित्सक का हरिद्वार स्थानांतरण हो गया था। कोई प्रतिस्थानी यहां नहीं भेजा। चिकित्सक नहीं होने से फार्मासिस्ट ही मरीजों को दवा दे रहे थे।
अब फार्मासिस्ट का भी स्थानांतरण कर दिया है। चिकित्सक और फार्मासिस्ट के नहीं होने से अस्पताल के संचालन का जिम्मा वार्ड बाॅय पर आ गया है। बिना प्रतिस्थानी के स्थानांतरण करने से क्षेत्र के लोग नाराज हैं।
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स्थानीय लोगों ने कहा है कि नेपाल सीमा से लगे घाटी वाले क्षेत्र में लोग कई बीमारियों की चपेट में आते हैं। क्षेत्र की जनता यहां पर ऐलोपैथिक अस्पताल खोलने की मांग कर रही है लेकिन अब आयुर्वेदिक अस्पताल चला रहे फार्मासिस्ट का ही स्थानांतरण कर दिया है।
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पीपली, बचकोट, गाजरी, डौड़ा सहित नेपाल सीमा से लगे आसपास के लगभग 12 गांवों के लोग बीमार पड़ने पर राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पीपली पर निर्भर रहते हैं।
कुछ वर्ष पूर्व तक इस अस्पताल में पूरा स्टाफ था। तीन साल पहले अस्पताल के चिकित्सक का हरिद्वार स्थानांतरण हो गया था। कोई प्रतिस्थानी यहां नहीं भेजा। चिकित्सक नहीं होने से फार्मासिस्ट ही मरीजों को दवा दे रहे थे।
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अब फार्मासिस्ट का भी स्थानांतरण कर दिया है। चिकित्सक और फार्मासिस्ट के नहीं होने से अस्पताल के संचालन का जिम्मा वार्ड बाॅय पर आ गया है। बिना प्रतिस्थानी के स्थानांतरण करने से क्षेत्र के लोग नाराज हैं।
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स्थानीय लोगों ने कहा है कि नेपाल सीमा से लगे घाटी वाले क्षेत्र में लोग कई बीमारियों की चपेट में आते हैं। क्षेत्र की जनता यहां पर ऐलोपैथिक अस्पताल खोलने की मांग कर रही है लेकिन अब आयुर्वेदिक अस्पताल चला रहे फार्मासिस्ट का ही स्थानांतरण कर दिया है।