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45 दिन कमरे में बंद रहने के बाद 2.12 लाख में बस बुक कर पहुंचे हल्द्वानी

Sat, 16 May 2020 03:12 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़ Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Sat, 16 May 2020 03:12 PM IST
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Haldwani arrived after booking the bus for 12 lakhs after being locked in the room for 45 days

गुजरात के होटल में काम करने वाले नाचनी क्षेत्र के 14 युवा लौटने के बाद पंचायत घर में क्वारंटीन हैं। प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल लोदियाबगढ़ में क्वारंटीन किए गए इन युवकों ने बताया कि लॉक डाउन के कारण वह 45 दिन तक कमरों में कैद होकर रह गए थे। इसके बाद कुमांऊ के 53 लोग 2.12 लाख रुपये में बस बुक कर हल्द्वानी पहुंचे।

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27 वर्षों से गुजरात में होटल क्षेत्रों में काम करने वाले खुशाल सिंह ने बताया कि लॉक डाउन से आजीविका बंद हो गई। डेढ़ माह तक होटल के कमरे में बंद रहना पड़ा। खाने की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही थी। इसके बाद पहाड़ के लोगों ने प्राइवेट बस मालिक से चार हजार रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से हल्द्वानी तक बुकिंग की। 53 लोग बस में बैठकर हल्द्वानी पहुंचे। सोशल डिस्टेंस का कोई मतलब ही नहीं था। सभी को एक ही धुन सवार थी किसी तरह घर जाना है।
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"हल्द्वानी पहुंचकर राहत की सांस ली। यहां प्रशासन का अच्छा प्रबंध था। इसके बाद हमारा गांव पहुंचने तक कोई खर्च नहीं हुआ। स्थिति सुधरी तो अवश्य होटल ज्वाइन करूंगा।"
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- खुशाल सिंह,भैंसखाल

"लॉक डाउन में बड़ी परेशानियां पैदा हो गई हैं। ऐसा तो कभी सोचा भी नहीं था। फिलहाल रोजगार मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। अब गांव में ही रोजगार तलाशने का प्रयास किया जाएगा।"
-त्रिलोक सिंह

"कोराना महामारी में लॉक डाउन से होटल कारोबार बंद हो गया। रोजगार छिन गया है। एक माह में 25 हजार तक कमा लेते थे। अगर स्थिति सुधरी तो फिर से गुजरात जाऊंगा।"
- गोपाल बिष्ट

"पहले सेना में भर्ती होने के लिए कई प्रयास किए। निराशा हाथ लगी तो होटल में पिछले चार साल से काम कर रहा था। अब कोरोना ने यह भी छीन लिया। स्थिति सामान्य होने की प्रतीक्षा रहेगी।"

-दीपक

"28 साल से गुजरात में रह रहा हूं। गांव के ही हयात सिंह के साथ पार्टनरशिप में सूरत में अपना फास्ट फूड का ठेला चलता था। 35 हजार की आमदनी थी वह भी छिन गई। गांव में काम करूंगा।"
-लाल सिंह

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