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Pithoragarh News: बारिश से सीमांत में जनजीवन अस्त-व्यस्त

Mon, 01 May 2023 11:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 01 May 2023 11:12 PM IST
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Haivy Rain in Pithauragarh
थिौरागढ़ के थल घाटी में छाया कोहरा। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मई में जनवरी जैसी ठंड पड़ने से लोग आश्चर्य में हैं। बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा मौसम पहली बार देखा है जब मई में गर्म कपड़े पहनने पड़ रहे हैं। कई स्थानों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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जिले में पिछले तीन दिन से लगातार मौसम के तेवर बिगड़े हैं। रविवार को दोपहर बाद हुई रिमझिम बारिश ने अचानक ठंड में इजाफा कर दिया। सोमवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद कुछ देर के लिए मौसम ठीक रहा लेकिन सुबह 11 बजे बाद से लगातार झमाझम बारिश शुरू हो गई। सुबह बाजार को आए लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद बाजार में भी सन्नाटा पसर गया। इस समय घाटी वाले क्षेत्रों में किसान गेहूं की फसल समेटने की तैयारी कर रहे हैं। बारिश से किसान भी मायूस हैं।
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अस्कोट में सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। ठंड के कारण कद्दू, लौकी, ककड़ी आदि के बीज नहीं उग पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मौसम ने खेती को चौपट कर दिया है। ठंड के कारण कनालीछीना बाजार में सोमवार को भी सुनसानी रही। मुवानी में लगातार बारिश से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। नाचनी में बारिश ने शादियों का रंग फीका कर दिया है। सजावट, टेंट आदि व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जा रहीं हैं।
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उधर थल के सरयू घाटी वाले क्षेत्र में भी लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में सुबह हल्का कोहरा छाया रहा। जंगलों की आग बुझने से वातावरण में उठी धुंध साफ हो गई है। जलस्रोतों को भी नई संजीवनी मिल जाएगी। रात में पड़ रही ठंड से लोग लिहाफ और रजाई ओढ़ रहे हैं। धरमघर क्षेत्र में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाने पड़े।



उच्च हिमालयी गांवों में ठंड से बचने को अलाव का सहारा
धारचूला। दारमा और व्यास घाटी के उच्च हिमालयी गांवों में बेमौसम बारिश ने माइग्रेशन में जाने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं।
घाटी के उच्च हिमालयी गावों में रविवार देर शाम से रुक-रुक कर बारिश होने से ठंड काफी बड़ गई है। ठंड से बचने के लिए ग्रामीण, पर्यटक और सीमा की सुरक्षा में लगे जवानों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्राम दांतू के होम स्टे संचालक महेश जंग, मनोज जंग, भूपेश दताल, पानू दताल ने बताया कि रविवार शाम से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि सड़क खुली होने से अप्रैल में 100 से अधिक पर्यटक प्रसिद्ध पंचाचूली शिखर देखने आ चुके हैं।

प्रधान दांतू जमन सिंह दताल ने बताया कि उनके गांव के लोग तीन चार दिन में माइग्रेशन करने जाएंगे। ग्राम सेला, चल, नागलिंग के कुछ परिवार अपने गांव पहुंच गए हैं। उधर व्यास घाटी में तवाघाट-लिपुलेख सड़क खुली होने से आवाजाही चालू है। प्रधान रोंकांग अंजू रोंकली ने बताया कि व्यास घाटी के सातों गांवों में रविवार देर रात से रुक-रुक बारिश हो रही है। ठंड के कारण लोग घरों में रहने के लिए मजबूर हैं।
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