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गुंजी-कुटी मार्ग पर नलंग नाले में भी बना पुल
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Sun, 04 Dec 2016 10:38 PM IST
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गुंजी और कुटी को जोड़ने के लिए नजंग नाले में बना नया पुल
- फोटो : अमर उजाला
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सीमा सड़क संगठन की 67 सड़क निर्माण इकाई ने तिब्बत सीमा पर स्थित भारत के अंतिम गांव कुटी एवं आदि कैलाश को जोड़ने के लिए बन रहे गुंजी-कुटी मार्ग पर नलंग नाले में भी 180 फीट लंबे मोटर पुल का निर्माण कर लिया है। इससे अब कुटी तक सड़क पहुंचने के लिए सिर्फ एक पुल की आवश्यकता रह गई है।
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सीमा सड़क संगठन के कमान अधिकारी मेजर मनीष नारायण ने कहा कि सीमा सड़क संगठन के कर्मचारियों और मजदूरों ने शून्य से नीचे के तापमान में भी लगातार कार्य किया। दूसरी तरफ गुंजी से ज्योलिंकांग तक प्रस्तावित 32 किमी सड़क में से 15 किमी सड़क का कार्य पूरा कर लिया गया है। 2020 तक ज्योलिंगकांग तक सड़क पहुंच जाएगी। गुंजी-कुटी मार्ग के साइड इंचार्ज पुष्पित भार्गव, जेई निशांत कुमार, डीजे बोरो के नेतृत्व में तेजी से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है।
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सीमा सड़क संगठन ने भारत-चीन सीमा पर पांच मोटर पुलों का निर्माण पूरा कर लिया है। इनमें गुंजी गांव में कुटी यांगती पर 130 फीट स्पान का पुल, कालापानी में मर्तीती नाले में 100 फीट स्पान का पुल, कालापानी में ही 100 फीट स्पान का दूसरा पुल, नाभीढांग नाले में 10 फीट स्पान प्रथम पुल एवं 160 फीट स्पान का नाभीढांग पुल शामिल हैं। व्यांस घाटी के पांचों गांवों के प्रधान गर्ब्यांग पुष्पा देवी, गुंजी की अर्चना देवी, नपलच्यू की गंगोत्री देवी, रोंगकांग के हरीश सिंह, नाभी की सनम देवी एवं जिला पंचायत सदस्य मंजुला बुदियाल ने विगत दो वर्षों में सड़क निर्माण के काम आ रही तेजी के लिए मेजर मनीष नारायण को बधाई दी है।
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