{"_id":"602d63668ebc3ee96959a873","slug":"fraud-by-police-pithoragarh-news-hld4151601128","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनडीपीएस एक्ट में हुई एफआईआर की जांच करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनडीपीएस एक्ट में हुई एफआईआर की जांच करने की मांग
विज्ञापन
पिथौरागढ़ एडीएम को ज्ञापन देते जौरासी क्षेत्र के ग्रामीण।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। ग्रामीणों ने पुलिस पर एनडीपीएस एक्ट में 15 फरवरी को गिरफ्तार दो युवाओं को फंसाने का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच के लिए बुधवार को ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे लेकिन कार्यालय में एसपी के न मिलने पर ग्रामीणों ने एडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया।
दुर्लेख और जौरासी के ग्रामीण बुधवार को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किशन भंडारी के नेतृत्व में पहले एसपी कार्यालय पहुंचे लेकिन उस समय एसपी गंगोलीहाट थाने का निरीक्षण करने गए थे। इसलिए एसओजी के खिलाफ नारेबाजी कर ग्रामीण एडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एडीएम आरडी पालीवाल को ज्ञापन सौंपा।
बताया कि पुलिस ने 15 फरवरी को दुर्लेख जौरासी के सुरेंद्र सिंह और लीमाभाट जौरासी निवासी लाल सिंह को चर्मा के पास बुलाकर गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया जबकि सुरेंद्र सिंह और लाल सिंह की छवि साफ है। इससे पहले उनके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है। कहा कि पुलिस ने दोनों युवकों को गलत तरीके से फंसाकर बदनाम किया है।
विज्ञापन
उन्होंने एनडीपीएस एक्ट में हुई कार्रवाई की जांच की मांग की है। इस दौरान ग्राम प्रधान बोराबुंगा मुन्नी देवी, कुंदन सिंह भाटिया, कुंदन सिंह, हंसी खोलिया आदि रहे। वहीं एसपी सुखबीर सिंह का कहना है कि सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। उन्होंने मामले की जांच की बात कही है।
विज्ञापन
दुर्लेख और जौरासी के ग्रामीण बुधवार को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किशन भंडारी के नेतृत्व में पहले एसपी कार्यालय पहुंचे लेकिन उस समय एसपी गंगोलीहाट थाने का निरीक्षण करने गए थे। इसलिए एसओजी के खिलाफ नारेबाजी कर ग्रामीण एडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एडीएम आरडी पालीवाल को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
बताया कि पुलिस ने 15 फरवरी को दुर्लेख जौरासी के सुरेंद्र सिंह और लीमाभाट जौरासी निवासी लाल सिंह को चर्मा के पास बुलाकर गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया जबकि सुरेंद्र सिंह और लाल सिंह की छवि साफ है। इससे पहले उनके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है। कहा कि पुलिस ने दोनों युवकों को गलत तरीके से फंसाकर बदनाम किया है।
विज्ञापन
उन्होंने एनडीपीएस एक्ट में हुई कार्रवाई की जांच की मांग की है। इस दौरान ग्राम प्रधान बोराबुंगा मुन्नी देवी, कुंदन सिंह भाटिया, कुंदन सिंह, हंसी खोलिया आदि रहे। वहीं एसपी सुखबीर सिंह का कहना है कि सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। उन्होंने मामले की जांच की बात कही है।