{"_id":"5f8741eb8ebc3e9c0724afc3","slug":"four-polytechnics-in-pithoragarh-district-excluded-from-state-counseling-pithoragarh-news-hld4005556135","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेट काउंसलिंग से बाहर हुए पिथौरागढ़ के चार पॉलीटेक्निक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेट काउंसलिंग से बाहर हुए पिथौरागढ़ के चार पॉलीटेक्निक
विज्ञापन
डीडीहाट का पॉलीटेक्निक भवन।
- फोटो : PITHORAGARH
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। छात्र संख्या नहीं होने से पिथौरागढ़ जिले के चार पॉलीटेक्निक बंद हो गए हैं। डीडीहाट, बरम, बेड़ीनाग और बांस पॉलीटेक्निक को स्टेट काउंसलिंग से भी बाहर कर दिया गया है।
डीडीहाट में वर्ष 2008-09 में पॉलीटेक्निक खोला गया था। इसमें एकमात्र ट्रेड आफिस मैनेजमेंट था। शुरुआत में इस ट्रेड में छात्र संख्या अच्छी थी, लेकिन धीरे-धीरे इस ट्रेड के प्रति छात्रों का रुझान कम होता गया। 2017 में आखिरी बैच पास आउट हुआ। 2018, 2019, 2020 में छात्र संख्या शून्य रही। पॉलीटेक्निक बंद न हो इसके लिए स्थानीय विधायक विशन सिंह चुफाल की पहल पर ऑटो मोबाइल ट्रेड की स्वीकृति मिली, लेकिन बंद होने की कगार पर पहुंच चुके इस संस्थान में कोई छात्र दाखिला लेने नहीं पहुंचा। अब डीडीहाट पॉलीटेक्निक में केवल एक प्राचार्य और एक होम गार्ड ही तैनात हैं। यही हाल बेड़ीनाग, बरम और बांस में खोले गए पॉलीटेक्निक का भी है। अच्छे ट्रेड का अभाव, प्रशिक्षक और जरूरी सुविधाओं का अभाव होने से इन संस्थानों से छात्रों ने दूरी बनाए रखी। आखिरकार अब इन संस्थानों को इस बार की स्टेट काउंसलिंग से हटा दिया गया है।
दो करोड़ की लागत से बनाया था डीडीहाट पॉलीटेक्निक भवन
डीडीहाट। डीडीहाट पॉलीटेक्निक भवन दो करोड़ की लागत से बनाया गया था। पूरे भवन में फाइवर का इस्तेमाल किया गया है। यह कुमाऊं का पहला भूकंप रोधी पॉलीटेक्निक था। इस संस्थान में ताले लटकने के बाद करोड़ों की लागत से बने इस भवन के भी वीरान होने की आशंका है।
विज्ञापन
2009 में स्थापित इस पॉलीटेक्निक को इस बार की स्टेट काउंसलिंग से हटा दिया गया है। अभी मात्र प्राचार्य और होम गार्ड की ही नियुक्ति है। -एमएम टम्टा, प्राचार्य पॉलीटेक्निक डीडीहाट।
डीडीहाट पॉलीटेक्निक को बंद नही होने दिया जाएगा। सिविल व मेकेनिकल के ट्रेड खोलने के लिए मुख्यमंत्री और तकनीकी शिक्षा सचिव से वार्ता की जाएगी। -बिशन सिंह चुफाल, विधायक डीडीहाट।
राजनीतिक फायदे के लिए खोले गए पॉलीटेक्निक : ऐरी
पिथौरागढ़। उत्तराखंड क्रांति दल के शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी का कहना है कि यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है कि विकास के अधिकांश फैसले राजनीति से प्रेरित होते हैं। ऐसा लगता है यह पॉलीटेक्निक भी राजनीति सोच के कारण खोले गए और राजनीतिक सोच के कारण ही बंद हो रहे हैं। सरकारी धन का दुरुपयोग ठीक नहीं है। किसी भी शैक्षणिक संस्थान की स्थापना मानक देखकर की जानी चाहिए। यदि पॉलीटेक्निक खोल दिए थे तो इनका उचित ढंग से संचालन किया जाना चाहिए था। यह विकास के नाम प्रपंच है।
विज्ञापन
डीडीहाट में वर्ष 2008-09 में पॉलीटेक्निक खोला गया था। इसमें एकमात्र ट्रेड आफिस मैनेजमेंट था। शुरुआत में इस ट्रेड में छात्र संख्या अच्छी थी, लेकिन धीरे-धीरे इस ट्रेड के प्रति छात्रों का रुझान कम होता गया। 2017 में आखिरी बैच पास आउट हुआ। 2018, 2019, 2020 में छात्र संख्या शून्य रही। पॉलीटेक्निक बंद न हो इसके लिए स्थानीय विधायक विशन सिंह चुफाल की पहल पर ऑटो मोबाइल ट्रेड की स्वीकृति मिली, लेकिन बंद होने की कगार पर पहुंच चुके इस संस्थान में कोई छात्र दाखिला लेने नहीं पहुंचा। अब डीडीहाट पॉलीटेक्निक में केवल एक प्राचार्य और एक होम गार्ड ही तैनात हैं। यही हाल बेड़ीनाग, बरम और बांस में खोले गए पॉलीटेक्निक का भी है। अच्छे ट्रेड का अभाव, प्रशिक्षक और जरूरी सुविधाओं का अभाव होने से इन संस्थानों से छात्रों ने दूरी बनाए रखी। आखिरकार अब इन संस्थानों को इस बार की स्टेट काउंसलिंग से हटा दिया गया है।
विज्ञापन
दो करोड़ की लागत से बनाया था डीडीहाट पॉलीटेक्निक भवन
डीडीहाट। डीडीहाट पॉलीटेक्निक भवन दो करोड़ की लागत से बनाया गया था। पूरे भवन में फाइवर का इस्तेमाल किया गया है। यह कुमाऊं का पहला भूकंप रोधी पॉलीटेक्निक था। इस संस्थान में ताले लटकने के बाद करोड़ों की लागत से बने इस भवन के भी वीरान होने की आशंका है।
विज्ञापन
2009 में स्थापित इस पॉलीटेक्निक को इस बार की स्टेट काउंसलिंग से हटा दिया गया है। अभी मात्र प्राचार्य और होम गार्ड की ही नियुक्ति है। -एमएम टम्टा, प्राचार्य पॉलीटेक्निक डीडीहाट।
डीडीहाट पॉलीटेक्निक को बंद नही होने दिया जाएगा। सिविल व मेकेनिकल के ट्रेड खोलने के लिए मुख्यमंत्री और तकनीकी शिक्षा सचिव से वार्ता की जाएगी। -बिशन सिंह चुफाल, विधायक डीडीहाट।
राजनीतिक फायदे के लिए खोले गए पॉलीटेक्निक : ऐरी
पिथौरागढ़। उत्तराखंड क्रांति दल के शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी का कहना है कि यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है कि विकास के अधिकांश फैसले राजनीति से प्रेरित होते हैं। ऐसा लगता है यह पॉलीटेक्निक भी राजनीति सोच के कारण खोले गए और राजनीतिक सोच के कारण ही बंद हो रहे हैं। सरकारी धन का दुरुपयोग ठीक नहीं है। किसी भी शैक्षणिक संस्थान की स्थापना मानक देखकर की जानी चाहिए। यदि पॉलीटेक्निक खोल दिए थे तो इनका उचित ढंग से संचालन किया जाना चाहिए था। यह विकास के नाम प्रपंच है।