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चार दशक पुराने झूलापुल में डामर के नामोनिशान नहीं
Fri, 19 Apr 2019 12:33 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Fri, 19 Apr 2019 12:33 AM IST
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चंडिकाघाट में रामगंगा में बने झूलापुल में डामर का नामोनिशान नहीं, इस कदर उखड़ रहे टिन।
- फोटो : AMAR UJALA
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हजारों लोगों की आस्था के केंद्र चंडिकाघाट को जोड़ने वाला झूलापुल देखरेख के अभाव में क्षतिग्रस्त हो रहा है। रामगंगा पर बने झूलापुल की हालत दयनीय है। पुल का डामर पूरी तरह उखड़ चुका है। पुल मध्य में उखड़े टिन हादसे को दावत दे रहे हैं। इसके अलावा लोहे की लड़ियों में जंक लग गया है। शीघ्र पुल की मरम्मत नहीं की गई तो आवागमन बाधित हो सकता है।
यह पुल चंडिकाघाट क्षेत्र को गंगोलीहाट क्षेत्र से जोड़ता है। चंडिकाघाट में न्याय की देवी मां चंडिका का मंदिर है। मंदिर में नित्य सैकड़ों लोग पूजा, अर्चना को पहुंचे हैं। गंगोलीहाट के बहिलकोट, गराली, बिरगोली, चौंली, पोखरी आदि गांवों को यह पुल जोड़ता है। चंडिकाघाट मंदिर कमेटी के अध्यक्ष भुवन पांडे, चंडिकाघाट के व्यापारी किशन सिंह ने पुल की दुर्दशा पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा है कि पुल की तत्काल मरम्मत करने की आवश्यकता है। पुल की अनदेखी भारी पड़ सकती है। पुल को नुकसान पहुंचा तो गंगोलीहाट क्षेत्र के लोगों को चंडिका मंदिर आने के लिए पिथौरागढ़ अथवा थल होते हुए चंडिकाघाट आना पड़ेगा। उसके लिए 150 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
कोट
चंडिकाघाट के झूलापुल का जल्द निरीक्षण किया जाएगा। पुल की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। पुल की मरम्मत कराई जाएगी। - मोहन सिंह पलड़िया सहायक अभियंता लोनिवि बेड़ीनाग
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यह पुल चंडिकाघाट क्षेत्र को गंगोलीहाट क्षेत्र से जोड़ता है। चंडिकाघाट में न्याय की देवी मां चंडिका का मंदिर है। मंदिर में नित्य सैकड़ों लोग पूजा, अर्चना को पहुंचे हैं। गंगोलीहाट के बहिलकोट, गराली, बिरगोली, चौंली, पोखरी आदि गांवों को यह पुल जोड़ता है। चंडिकाघाट मंदिर कमेटी के अध्यक्ष भुवन पांडे, चंडिकाघाट के व्यापारी किशन सिंह ने पुल की दुर्दशा पर नाराजगी प्रकट करते हुए कहा है कि पुल की तत्काल मरम्मत करने की आवश्यकता है। पुल की अनदेखी भारी पड़ सकती है। पुल को नुकसान पहुंचा तो गंगोलीहाट क्षेत्र के लोगों को चंडिका मंदिर आने के लिए पिथौरागढ़ अथवा थल होते हुए चंडिकाघाट आना पड़ेगा। उसके लिए 150 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
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चंडिकाघाट के झूलापुल का जल्द निरीक्षण किया जाएगा। पुल की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। पुल की मरम्मत कराई जाएगी। - मोहन सिंह पलड़िया सहायक अभियंता लोनिवि बेड़ीनाग
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