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वन विभाग ने रागा प्रजाति के बताए कटे पेड़
अमर उजाला ब्यरो मुनस्यारी (पिथौरागढ़)।
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:15 AM IST
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मुनस्यारी के राणा मैन सिंह टॉप में कटा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
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मल्ला जोहार के राणा मैन सिंह टॉप के निकट पेड़ काटे जाने की खबर छपने के बाद हरकत में आई वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग ने कटे पेड़ों को थुनेर नहीं बल्कि रागा प्रजाति का बताया है। पेड़ों को करीब छह माह पहले काटने की बात कही जा रही है। छह महीने तक वन विभाग को पेड़ काटने की जानकारी न होने पर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं।
चार दिन पहले स्थानीय लोगों ने राणा मैन सिंह टॉप में थुनेर के पेड़ काटने की सूचना दी थी, मीडिया को कटे पेड़ों के फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराए थे। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रभागीय वनाधिकारी विनय भार्गव के निर्देश पर वन आरक्षी गोविंद कुमार के नेतृत्व में टीम घटना स्थल का मुआयना कर मुनस्यारी लौट आई है। वन आरक्षी ने बताया कि थुनेर के पेड़ काटे जाने के कोई साक्ष्य नहीं मिले।
रागा प्रजाति के लगभग 30 से 40 सेमी ब्यास के छह सूखे पेड़ काटे गए हैं। देखने से लगता है कि ये पेड़ करीब छह माह पूर्व काटे गए होंगे। मामले की पड़ताल जारी है लेकिन मामला काफी पुराना होने के चलते अपराधियों का पता चल पाना कठिन है। बताया कि मल्ला जोहार आने-जाने वाले लोगों और वन पंचायत साइपोलु के पदाधिकारियों से उक्त मामले का खुलासा करने में सहयोग मांगा गया है। टीम में फायर वाचर जीवन राम, साइपोलु के सरपंच जितेंद्र सिंह शामिल थे।
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जंगल में पेड़ कटने की जानकारी छह महीने तक वन विभाग के पास न होने से विभाग की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छह महीने बाद भी ग्रामीणों ने पेड़ कटने का खुलासा किया। यह बात गौर करने वाली है।
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चार दिन पहले स्थानीय लोगों ने राणा मैन सिंह टॉप में थुनेर के पेड़ काटने की सूचना दी थी, मीडिया को कटे पेड़ों के फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराए थे। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रभागीय वनाधिकारी विनय भार्गव के निर्देश पर वन आरक्षी गोविंद कुमार के नेतृत्व में टीम घटना स्थल का मुआयना कर मुनस्यारी लौट आई है। वन आरक्षी ने बताया कि थुनेर के पेड़ काटे जाने के कोई साक्ष्य नहीं मिले।
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रागा प्रजाति के लगभग 30 से 40 सेमी ब्यास के छह सूखे पेड़ काटे गए हैं। देखने से लगता है कि ये पेड़ करीब छह माह पूर्व काटे गए होंगे। मामले की पड़ताल जारी है लेकिन मामला काफी पुराना होने के चलते अपराधियों का पता चल पाना कठिन है। बताया कि मल्ला जोहार आने-जाने वाले लोगों और वन पंचायत साइपोलु के पदाधिकारियों से उक्त मामले का खुलासा करने में सहयोग मांगा गया है। टीम में फायर वाचर जीवन राम, साइपोलु के सरपंच जितेंद्र सिंह शामिल थे।
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जंगल में पेड़ कटने की जानकारी छह महीने तक वन विभाग के पास न होने से विभाग की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छह महीने बाद भी ग्रामीणों ने पेड़ कटने का खुलासा किया। यह बात गौर करने वाली है।