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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   For the first time the vehicle reached Sipu the first village of Darma Valley

धारचूला: आजादी के बाद पहली बार दारमा घाटी के प्रथम गांव सीपू पहुंची गाड़ी, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Fri, 30 Oct 2026 05:58 PM IST
Heera शालू दताल
शालू दताल Published by: Heera Updated Fri, 30 Oct 2026 05:58 PM IST
सार

चीन सीमा से सटी दारमा घाटी में 11,820 फीट की ऊंचाई पर बसे प्रथम गांव सीपू में आजादी के 79 साल बाद पहली बार गाड़ी पहुंची। सीपू के ग्रामीण पहली बार माइग्रेशन के समय वाहन से धारचूला पहुंचे। सीपू तक गाड़ी पहुंचने से ग्रामीणों में खुशी है।

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For the first time the vehicle reached Sipu the first village of Darma Valley
आजादी के बाद पहली बार दारमा घाटी के प्रथम गांव सीपू पहुंची गाड़ी - फोटो : जागरूक ग्रामीण

विस्तार

चीन सीमा से सटी दारमा घाटी में 11,820 फीट की ऊंचाई पर बसे प्रथम गांव सीपू में आजादी के 79 साल बाद पहली बार गाड़ी पहुंची। सीपू के ग्रामीण पहली बार माइग्रेशन के समय वाहन से धारचूला पहुंचे। सीपू तक गाड़ी पहुंचने से ग्रामीणों में खुशी है। वहीं क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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ग्राम प्रधान सरोजनी सीपाल ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार बीते 24 अक्टूबर को गांव तक गाड़ी पहुंची। यह सुविधा उपलब्ध होने से दो दिन ही पूर्व बीते बुधवार गांव के आठ से 10 परिवार पहली बार वाहन से धारचूला पहुंचे। उन्होंने बताया पहले ग्रामीण 10 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचते थे। अब गांव तक सड़क पहुंचने से ग्रामीणों को पैदल यात्रा नहीं करनी पड़ रही है और सीधे निचली घाटी तक पहुंच पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों की आवाजाही सुगम और सुरक्षित हुई है। खासकर बुजुर्गों को काफी राहत मिल रही है।

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क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच होगी आसान
गांव के 85 वर्षीय पूर्व प्रधान सुंदर सिंह सीपाल के साथ ही ज्ञान सिंह सीपाल, जीवन सीपाल और रेखा सीपाल ने कहा कि पहली बार गांव में गाड़ी पहुंचना किसी सपने के पूरा होने जैसा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के ही प्रसिद्ध मूर्तिकार डीआर सीपाल ने कुछ माह पूर्व गांव में राजुला और सुनपति शौक्यानी के साथ ही विवेकानंद की मूर्ति का निर्माण किया है। इससे गांव की खूबसूरती काफी बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है सड़क सुविधा होने से भविष्य में यात्रियों को क्षेत्र के पर्यटन और धार्मिक स्थलों महादेव गुफा, महादेव के पद चिह्न, मिलती बाई ताल, पार्वती ताल, छू मापांग ताल और आंचरी ताल सहित कई प्राकृतिक स्थलों के दीदार का मौका मिलेगा। 

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जुलाई 2024 से किया जा रहा था सड़क का निर्माण
पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता किशन सिंह ऐरी ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत तिदांग-मारछा-सीपू तक 24 करोड़ रुपये की लागत से 10 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य जुलाई 2024 से किया जा रहा है। विभाग ने सड़क को बीते 24 अक्टूबर को इन गांवों से फिलहाल अस्थाई रूप से जोड़ दिया है। इस सड़क में पागल नाला (च्यो यांगती) में 60 मीटर, धौली नदी में 100 मीटर तथा सीपू और मारछा के बीच न्योला व लच्छर नदी में 42-42 मीटर स्पान के स्टील के मोटर पुलों का निर्माण होना है। डीपीआर शासन को भेजी गई है। मंजूरी मिलने पर निर्माण किया जाएगा। सड़क निर्माण का कार्य 2027 में पूरा करने का लक्ष्य है।

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