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आपदा मद से जंगल में बना दिया पैदल पुल

Fri, 04 Mar 2016 10:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Fri, 04 Mar 2016 10:48 PM IST
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Foot bridge in the woods with the help made disaster
पैदल पुल - फोटो : अमर उजाला

यूं तो पहाड़ पर आपदा आने पर लोगों का घर-बार सब कुछ बर्बाद हो जाता है, लेकिन यही आपदा कइयों के लिए खजाना भी लेकर आती है। अब इसी पैदल पुल को देख लीजिए, जो आपदा मद से जंगल में बनाया गया है। आखिर इस जंगल में इस पैदल पुल की क्या जरूरत है, यह शायद न तो कोई पूछने वाला है और नहीं देखने वाला। कुल मिलाकर इस पुल को बनाने के पीछे एक बड़ा गोरखधंधा जरूर सामने आता है।

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जून 2013 में आई आपदा ने पहाड़ वालों को काफी गहरे जख्म दिए, जिन पर मरहम लगाने के लिए शासन स्तर से पैसा रिलीज किया गया, लेकिन इस पैसे को खपाने के लिए कई तरीके अपना लिए गए। इस तहसील के चेटाचिमली गांव के जंगल में बिना किसी रास्ते और जरूरत के पांच लाख रुपये की लागत से पैदल पुल खड़ा कर दिया। पुल तक जाने के लिए दोनों ओर से कोई रास्ता नहीं बनाया गया। पुल हवा में खड़ा है और ठेकेदार ने विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर पूरा भुगतान ले लिया है। विकासखंड कार्यालय के माध्यम से पुल के लिए धनराशि जारी की गई थी। गांव के लोगों को अब जाकर पता चला है कि उनके गांव के जंगल में बिना कारण एवं उपयोगिता के एक पैदल पुल का ढांचा खड़ा किया गया है।
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भाजपा के पूर्व विधानसभा क्षेत्र प्रभारी जगत मर्तोलिया ने शुक्रवार को यह मामला जिलाधिकारी के सामने रखा। कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए और इस मामले में जो भी दोषी है उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। भाजपा नेता ने कहा कि यदि प्रशासन इस मामले में कदम नहीं उठाया जाता तो न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे।
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आपदा मद से नहीं बनता नया पुल
मुनस्यारी। आपदा मद के उपयोग के लिए सरकार ने स्पष्ट गाइडलाइन तैयार की है। यदि पुल बनना होगा तो उसी स्थान पर बनेगा जहां पर पुराना पुल क्षतिग्रस्त हुआ था। चेटीचिमला गांव में जिस जंगल में यह पुल बनाया गया है वहां पर पहले कभी कोई पुल नहीं था। इससे साफ जाहिर होता है कि सिर्फ धन खपाने के लिए इसे बनाया गया था।

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