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खतरे के निशान से ऊपर बह रही गोरी नदी का पानी सड़क तक पहुंचा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 11:46 PM IST
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Flood in Gori River
झूलाघाट क्षेत्र में बारिश के बाद उफान मारती काली नदी। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़/मुनस्यारी/बंगापानी। सीमांत जिले में बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार की रात जिले के मुनस्यारी और धारचूला क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से नदी नाले उफान पर आ गए।
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गोरी नदी का जल स्तर बढ़ने से मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर बंगापानी के लुम्ती के पास पानी सड़क तक पहुंच गया। इससे दोनों ओर वाहन फंस गए। लोगों के पैदल चलने के लायक भी स्थान न होने से आवागमन ठप रहा।
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गोरी नदी के रौद्र रूप को देखकर लोग सहमे हुए हैं। धारचूला के दारमा घाटी के सेला में लकड़ी का पुल बह गया जबकि मुनस्यारी के बसंतकोट गांव से आगे झुलापुल के निकट पुल के निर्माण कार्य में लगी एक मशीन गोरी नदी में समा गई।
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सीमांत पिथौरागढ़ जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। बृहस्पतिवार की रात जिला मुख्यालय के साथ ही धारचूला और मुनस्यारी में मूसलाधार बारिश हुई।
रात भर आसमान के बरसने से मुनस्यारी की गोरी नदी और धारचूला की काली और धौली नदियां उफान पर आ गई। बंगापानी के लुम्ती के समीप गोरी नदी का पानी सड़क तक आ गया।
इससे मुनस्यारी और जौलजीबी दोनों ओर जा रहे वाहन फंस गए। लोगों को पैदल दूसरी ओर जाने लायक भी स्थान नहीं मिला। कई लोग घंटों तक पहाड़ी मार्ग पर बैठकर नदी का जल स्तर कम होने का इंतजार करते रहे।
बाद में लोगों ने जान जोखिम में डालकर पहाड़ी से आवागमन किया। बंगापानी तहसील प्रशासन ने उमरगड़ा सहित नदी किनारे रहने वाले परिवारों को सचेत रहने के निर्देश दिए हैं।
छोरीबगड़ में भी सुरक्षा दीवार बह गई है। इससे मकानों को खतरा पैदा हो गया है। नदी के उफान पर आने से मिक्सर मशीन भी बह गई है। बृहस्पतिवार की सुबह से बंगापानी में मूसलाधार बारिश होने से गोरी नदी का रौद्र रूप देखकर लोग सहमे हुए हैं। पिछले साल भी बंगापानी में भीषण आपदा आई थी।
दारमा घाटी के माइग्रेशन गांव सेला को जोड़ने वाला लकड़ी का पुल बहा
धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला में भी बारिश ने काफी तबाही मचाई है। दारमा घाटी के माइग्रेशन गांव सेला को जोड़ने वाला लकड़ी का पुल बह गया है। गांव से गोविंद सेलाल ने फोन से बताया कि गांव में 50 से अधिक परिवार नदी पार अपने गांव में ही फंस गए हैं।
फिलम निवासी जयेंद्र फिरमाल ने सूचना दी कि आज फिलम और गो गांव के बीच नरसती गाड़ में पानी बढ़ने से दोनों गांवों को जोड़ने वाला लकड़ी का पुल बह गया है। फिलम गांव के 30 परिवार गांव में ही फंस गए हैं।
सोबला में पानी बढ़ने ठाड़ीगाड़ में बना सीमेंट का पुल खतरे की जद में आ गया है। सीपीडब्ल्यूडी का निर्माणधीन सोबला दुग्तु ढांकर सड़क दर गांव से आगे कई जगहों पर बोल्डर और मलबा आने से बंद है जिससे गांव से आने जाने वाले लोग और गाड़ियां भी फंसी हैं। दारमा घाटी में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश होने से धौली नदी का जल स्तर बढ़ चुका है। नदी नाले उफान में है।
दांतू के प्रधान जमन दताल और पानू दताल ने बताया कि मारछा और सीपू के बीच सूखा नाले और अन्य गधेरों का पानी बढ़ने से तिदांग गांव में लछर (धौली नदी) का जल स्तर बढ़ने से तिदांग गांव के पास झील जैसी बन गई है। इससे गांव खतरे की जद में है।
तिदांग गांव में अभी 50 से अधिक परिवार हैं। मौसम को देखते हुए सभी परिवार डरे सहमे हैं। काली नदी भी रौद्र रूप में है। धारचूला के झूला पुल और घटखोला में नेपाल दार्चुला की और मजबूत तटबंध होने से काली नदी का रुख भारत की ओर अधिक होने से भू कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। जौलजीबी के दांतू खेड़ा में गोरी नदी का जल स्तर बढ़ने से नदी किनारे के लोग डरे सहमे हैं।
मुनस्यारी-मदकोट सड़क पर घंटों तक फंसी रही एंबुुलेंस
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मदकोट से पेट दर्द और बुखार की शिकायत पर 75 वर्षीय मरीज रुद्र सिंह धामी को एंबुलेंस से मुनस्यारी सीएचसी लाया जा रहा था। मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा होने से मदकोट- मुनस्यारी मोटर मार्ग पर कैंठी बैंड के पास 108 एंबुलेंस काफी देर तक फंसी रही।
जिसे आसपास लोगों की मदद से बमुश्किल निकाला जा सका। इसके अलावा मुनस्यारी में लगातार बारिश के कारण मदकोट-जोशा मोटर मार्ग पर कोटाल गांव के पास वाहन फंस गए। गोरी नदी के उफान पर होने से मुनस्यारी के बसंतकोट गांव से आगे झुलापुल के निकट निर्माणाधीन पुल के कार्य में लगी मशीन गोरी नदी में समा गई है।
दो दिन की बारिश से थल में रामगंगा उफान पर
थल (पिथौरागढ़)। उच्च हिमालयी क्षेत्रों के साथ ही थल क्षेत्र में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से रामगंगा नदी का जल स्तर बढ़ गया है। बृहस्पतिवार की रात तेज बारिश के कारण शुक्रवार को रामगंगा नदी उफान पर आ गई। लगातार बारिश होने से प्राकृतिक जल स्रोतों में भी पानी बढ़ने लगा है।
कनालीछीना में चार कमरों के मकान की छत ध्वस्त
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। कनालीछीना के छड़नदेव मलकटिया डुंडू में देवेंद्र सिंह खोलिया पुत्र शेर सिंह खोलिया का चार कमरों के मकान की छत गिर गई। गनीमत रही कि हादसे से पहले सभी बाहर आ गए। यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता दीपक तिवारी ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
तैतीस व्यापारियों को सुरक्षित स्थान में जाने के निर्देश
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। प्रशासन ने काली नदी के किनारे बसे झूलाघाट के 33 दुकानदारों को सुरक्षित स्थान में जाने के निर्देश दिए हैं। व्यापारियों को वैकल्पिक तौर पर मानसून काल में स्कूलों में रहने की सलाह दी गई है। जिले में हो रही भारी बारिश के बाद महाकाली नदी उफान पर है।
शुक्रवार की सुबह काली नदी उफान पर नजर आई। नदी में विशालकाय पेड़ भी बहकर आते रहे। नदी किनारे खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने झूलाघाट के 33 दुकानदारों और भवन स्वामियों को सुरक्षित स्थान पर जाने का नोटिस जारी किया है।

राजस्व उपनिरीक्षक मजिरकांडा गोपाल सिंह डीनिया ने बताया काली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने चिन्हित लोगों से राजकीय इंटर कालेज और प्राइमरी स्कूल में रहने की सलाह दी है।
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