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पांच किलोमीटर रास्ता बनाने में जुटे ग्रामीण

Thu, 11 Jan 2018 10:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Thu, 11 Jan 2018 10:07 PM IST
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Five Km Roads Rural
इग्यारह से चुलाकोट तक श्रमदान से रास्ता बनाने पहुंची महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

पिथौरागढ़ तहसील के इग्यारह ग्राम पंचायत के अंतर्गत चुलाकोट गांव के लोगों ने पांच किलोमीटर लंबा रास्ता खुद बनाने की ठान ली है। गांव के लोगों का कहना है कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने कई बार रास्ता बनाने की मांग रखी गई। जब कहीं से कोई उम्मीद नजर नहीं आई तो गांव के लोगों ने श्रमदान से रास्ता बनाने का फैसला लिया। श्रमदान शुरू करने से पहले गांव के लोगों की बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि हर परिवार का एक सदस्य श्रमदान में सहयोग देगा। जिस घर में कोई भी व्यक्ति श्रमदान में हिस्सा लेने की स्थिति में नहीं है, उनसे आंशिक आर्थिक सहयोग लिया जा रहा है।

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गांव के लोगों ने तय किया है कि श्रमदान से बनने वाले रास्ते की चौड़ाई कम से कम तीन फुट रखेंगे, ताकि उसमें दोपहिया वाहन आसानी से चल सकें। गांव के लोगों का आरोप है कि सरकार और जनप्रतिनिधियों ने उनकी उपेक्षा की। आज भी लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने में पांच किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता है। पैदल रास्ते की हालत भी इतनी खराब है कि उसमें खतरा बना रहता है। गांव के लोगों ने हालांकि यह महसूस किया है कि काम बेहद जोखिम भरा है और इसमें लोगों का समय और श्रम बहुत ज्यादा लगेगा, फिर भी सरकार को आइना दिखाने के लिए उन्होंने बृहस्पतिवार से यह कदम उठाया है।
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पहले दिन लोगों ने करीब दस मीटर सड़क की खुदाई कर दी है। श्रमदान से सड़क बनाने के लिए हुई बैठक में मोहन राम, कृष्ण राम, जीवन राम, राजेंद्र प्रसाद, राजमोहन, रमेश राम, भुवन राम आदि लोग थे, जबकि श्रमदान में पार्वती देवी, मुन्नी देवी समेत गांव की अन्य महिलाएं गैंती, बेलचा लेकर सहयोग कर रही हैं।
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चुलाकोट के लिए सड़क मंजूर नहीं
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन जोशी का कहना है कि इग्यारदेवी से चुलाकोट तक सड़क का अब तक कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया है। यदि सड़क का प्रस्ताव बना होता और स्वीकृति मिली होती तो अब तक विभाग काम शुरू कर देता। उन्होंने कहा कि श्रमदान से सड़क बनाए जाने की गांव के किसी भी व्यक्ति ने उनको जानकारी नहीं दी है।

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