जीएसटी का पहला दिन और बाजार पस्त
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के प्रावधान शनिवार से पूरे देश में लागू हो गए हैं। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय की बाजार को देखकर ऐसा लगा कि व्यापारी अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं। ग्राहक का संशय कम नहीं हुआ है। शुक्रवार को जीएसटी के विरोध में बाजार बंद और रविवार को साप्ताहिक बंदी के कारण शनिवार को बाजार में ग्राहकों के ज्यादा आने की जो उम्मीद जताई जा रही थी वह धराशायी हो गई। बाजार पस्त रहा। सामान्य दिनों की अपेक्षा बिक्री में कमी देखी गई। जो लोग जीएसटी लागू होने के बाद उपभोक्ता वस्तुओं के दामों में गिरावट की जिस उम्मीद को लेकर बाजार को निकले वह कहीं पर देखने को नहीं मिला।
ग्राहक अपनी अपेक्षा को लेकर चल रहा है तो व्यापारी का संशय समाप्त नहीं हुआ है। छोटे व्यापारियों ने तो थोक विक्रेताओं ने इस डर में सामान नहीं उठाया कि कहीं जीएसटी के प्रावधानों के चलते घाटा न उठाना पड़ जाए। इलेक्ट्रानिक्स सामान, रेडीमेड कपड़े, बर्तन, राशन, फल, सब्जी का बाजार शनिवार को काफी धीमा रहा। व्यापारियों ने कहा कि पता नहीं क्यों ग्राहक का रुख दुकानों की तरफ नहीं हुआ है। कम से कम यहां के व्यापारी अब तक खुद को जीएसटी के लिए तैयार नहीं कर पाए हैं। टैक्स का शेड्यूल बदलने से उसे जमा करने का तरीका अपडेट नहीं किया गया है। व्यापारी एक-दूसरे से जानकारी हासिल करने में हैं। जिला मुख्यालय जैसा ही हाल कस्बों और नगरों में भी देखा गया। जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारी और ग्राहक का यह संशय समाप्त होने में लंबा वक्त लगने वाला है।
जीएसटी के कारण बाजार से ग्राहक गायब
पान विक्रेता मनमोहन सिंह मेहता कहते हैं कि जीएसटी लागू होने का प्रतिकूल असर देखने को मिलने लगा है। सरकार की नीति स्पष्ट न होने के कारण बाजार से ग्राहक गायब है। सभी तरह के व्यापारी डरे-सहमे हैं। माल लेने और बेचने में कोई भी रुचि नहीं ले रहा हैं। पता नहीं यह स्थिति आगे कब तक बनी रहेगी।
पहले इस असमंजस को तोड़ना होगा
हार्डवेयर विक्रेता गोविंद सिंह बिष्ट ने जीएसटी कानून का स्वागत किया है। उन्हें यह कानून अच्छा लगा है। कहते हैं कि कुछ समय परेशानी के बाद यह आगे के लिए अच्छा है, लेकिन सरकार द्वारा जीएसटी के कड़े प्रावधानों के चलते छोटे व्यापारी डरे हुए हैं। व्यापारी और ग्राहकों में असमंजस की स्थिति हैं। इस असमंजस को तोड़ना होगा।
जीएसटी के बारे में कुछ मालूम नहीं
प्रोटीन सेंटर चलाने वाले जोहार सिंह दिगारी ने कहा कि जीएसटी के बारे में ज्यादा कुछ मालूम नही हैं, लेकिन सरकार के लागू करने से अच्छा लग रहा हैं। वह कहते हैं कि अब महंगाई बढ़ने लगेगी। कुछ सामान तो जरूर महंगा होगा। जिस सामान के सस्ता होने की बात कही जा रही है उसका कोई असर नहीं है।
पहले संपूर्ण जानकारी दी जानी चाहिए थी
डेली नीड स्टोर के मालिक तस्लीम ने कहा कि शनिवार को बाजार हल्का है। दुकान में ग्राहक कम आए। जीएसटी समझ में नहीं आ रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद दुकान में माल रखने और खरीदने में डर लग रहा है। सरकार ने सीधी नीति द्वारा इसे लागू करना चाहिए था। पहले सभी लोगों को इसकी संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए थी।
नोटबंदी की तरह नुकसान देगा जीएसटी : भुवन
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता भुवन पांडे ने केंद्र सरकार पर अधूरी तैयारियों के साथ जीएसटी लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि केंद्र सरकार का यह फैसला नोटबंदी की तरह आर्थिक नुकसान देने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में कांग्रेस की केंद्र सरकार केवल 14 प्रतिशत के केवल एक स्लैब में जीएसटी को लागू करने जा रही थी। इसका भाजपा के लोगों ने विरोध किया। आज 28 तक टैक्स वाला जीएसटी केंद्र सरकार लाई है। कहा व्यापारियों का अब तक जीएसटी में पंजीकरण तक नहीं हुआ है। जीएसटी से लोगों की दिक्कतें बढ़ेंगी।