{"_id":"643d7c3a15cdf627580d0836","slug":"fire-forest-burning-in-pithoragarh-district-pithoragarh-news-c-8-1-115004-2023-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: सीमांत जिले में आग से रोज धधक रहे जंगल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: सीमांत जिले में आग से रोज धधक रहे जंगल
Mon, 17 Apr 2023 10:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 17 Apr 2023 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में आग से रोज जंगल धधक रहे हैं। सोमवार को चार स्थानों पर आग लग गई जिससे वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। सीजन में अब तक 25 हेक्टेयर से अधिक जंगल वनाग्नि की भेंट चढ़ चुके हैं।
जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही आग लगने की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को गंगोलीहाट रेंज के वन पंचायत रौतेड़ा में 1.5 हेक्टेयर, डीडीहाट के गुड़ौली और पिथौरागढ़ के कल्पानी गाड़ कंपार्ट नौ में एक-एक हेक्टेयर जंगल में आग लगी। इसके अलावा अस्कोट के सिलिंगा वन पंचायत में आधा हेक्टेयर जंगल आग से जल गया। चंडाक स्थित जंगल रविवार देर तक आग से धधकता रहा। बाद में वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच आग पर काबू पाया।
बता दें कि सीमांत में अधिकतर जंगल चीड़ के हैं। सूखी पिरूल में आग जल्दी भड़कने से यह विकराल रूप ले लेती है। विभाग ने वनों की आग को नियंत्रित करने के लिए 66 क्रू-स्टेशन बनाए हैं। एक क्रू-स्टेशन में पांच से छह कर्मी तैनात किए गए हैं। यदि आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हुई तो 15 जून तक के लिए 258 फायर वाचर और रखे जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही आग लगने की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को गंगोलीहाट रेंज के वन पंचायत रौतेड़ा में 1.5 हेक्टेयर, डीडीहाट के गुड़ौली और पिथौरागढ़ के कल्पानी गाड़ कंपार्ट नौ में एक-एक हेक्टेयर जंगल में आग लगी। इसके अलावा अस्कोट के सिलिंगा वन पंचायत में आधा हेक्टेयर जंगल आग से जल गया। चंडाक स्थित जंगल रविवार देर तक आग से धधकता रहा। बाद में वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच आग पर काबू पाया।
विज्ञापन
बता दें कि सीमांत में अधिकतर जंगल चीड़ के हैं। सूखी पिरूल में आग जल्दी भड़कने से यह विकराल रूप ले लेती है। विभाग ने वनों की आग को नियंत्रित करने के लिए 66 क्रू-स्टेशन बनाए हैं। एक क्रू-स्टेशन में पांच से छह कर्मी तैनात किए गए हैं। यदि आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हुई तो 15 जून तक के लिए 258 फायर वाचर और रखे जाएंगे।
विज्ञापन