फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   leaving US company job now growing flowers and mushrooms

अमेरिकी कंपनी की नौकरी छोड़ ललित उगा रहे फूल और मशरूम

Mon, 09 Dec 2019 10:40 AM IST
kamlesh kamlesh अमर उजाला, ब्यूराे / (पिथौरागढ़)
अमर उजाला, ब्यूराे / (पिथौरागढ़) Published by: kamlesh kamlesh Updated Mon, 09 Dec 2019 10:40 AM IST
विज्ञापन
leaving US company job now growing flowers and mushrooms
ललित उप्रेती। - फोटो : अमर उजाला

पहाड़ की धरती पर उद्यमी के लिए उद्यम की कमी नहीं है। गंगोलीहाट का एक युवा अमेरिकी कंपनी की 80 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी छोड़कर अपने गांव लौट आया और फूलों की खेती के साथ ही मशरूम, सब्जी, दुग्ध उत्पादन से 40 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी कर रहा है। यहां पांच अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। पौड़ी की मशरूम गर्ल दिव्या रावत से प्रभावित इस युवा का सपना गंगोलीहाट को मशरूम और फूलों का हब बनाने का है।

विज्ञापन


गंगोलीहाट के कुंजनपुर निवासी ललित उप्रेती (38) अमेरिकी कंपनी डीआई सेंट्रल लिमिटेड में एरिया मैनेजर थे। 80 हजार की पगार ले रहे थे। तनख्वाह से घर भी अच्छा चल रहा था। कंपनी में रहकर 7 साल में 12 देशों में काम कर चुके ललित ने एक वर्ष पहले पौड़ी गढ़वाल की मशरूम गर्ल दिव्या रावत से प्रभावित होकर नौकरी छोड़ दी और गांव लौट आए। ललित ने मई 2019 से फूल और मशरूम की खेती शुरू कर दी। ललित बताते हैं कि गंगोलीहाट की आबोहवा के अनुरूप उन्होंने एक नाली जमीन में ग्लेडियस प्रजाति के फूलों के बीज रोपे। 
विज्ञापन


फूल, मशरूम, दुग्ध, सब्जी उत्पादन से वर्तमान में उन्हें प्रति
माह करीब 40 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है। वह फूलों को पिथौरागढ़ और हल्द्वानी में बेचते हैं। ग्लेडियस के साथ ही हजारी के फूलों की भी अच्छी डिमांड है। ग्लेडियस की एक स्टिक 10 रुपये की तो हजारी के फूल 60-70 रुपये किलो बिक जाते हैं। उनका लक्ष्य अपनी 50 नाली जमीन में फूलों की खेती करने का है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस समय वह अपने खाली पड़े पुराने मकान में मशरूम उत्पादन कर रहे हैं। अन्य लोगों को भी मशरूम की खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। फूलों की खेती, मशरूम और दुग्ध उत्पादन पहाड़ों से पलायन को रोकने में कारगर हो सकता है, बशर्ते सरकार इसके लिए आगे आए और लोगों को आत्म निर्भर बनाने में मदद करे। 


डेयरी व्यवसाय को बढ़ाना चाहते हैं ललित
ललित उप्रेती डेयरी व्यवसाय को और बढ़ाने चाहते हैं। वर्तमान में उनके पास दो अच्छी नस्ल की गाय हैं। वह 50 गायों की डेयरी खोलना चाहते हैं। 

नगर पंचायत का भुगत रहे खामियाजा
कुंजनपुर गांव के नगर पंचायत में शामिल होने के कारण ललित उप्रेती को गांवों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं, योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस काम में सरकार से अब तक कोई मदद नहीं मिली है। अब तक वह अपनी जमा पूंजी से ही काम चला रहे हैं। उद्यान विभाग से फूलों के बीज अवश्य मिले थे। बताते हैं कि वह कुंजनपुर में एक समूह बनाकर लिलियम, ग्लेडियस फूलों की खेती करना चाहते हैं। इससे पूरा गांव आत्मनिर्भर हो जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed