{"_id":"605e2ee18ebc3edbca371fc9","slug":"farmers-workshop-pithoragarh-news-hld4196737153","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों को दी पारंपरिक जड़ी बूटी की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों को दी पारंपरिक जड़ी बूटी की जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। सिक्योर हिमालया प्रोजेक्ट के तहत धारचूला में आयोजित कार्यशाला में लोगों को पारंपरिक जड़ी बूटी से उपचार की जानकारी दी गई। कार्यशाला में लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
कार्यशाला में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली जड़ी बूटी सेकवा, गंद्ररायण के उपयोग पर चर्चा की गई। कार्यशाला में मौजूद स्थानीय वैध कुलदीप गुंज्याल, मोहन गुंज्याल, ज्ञान सिंह दुग्ताल, नेत्र सिंह तितियाल, छोरी बोनाल ने बताया कि स्थानीय जड़ी बूटी के इस्तेमाल से हम बीमारियों को दूर कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कई ऐसी जड़ी बूटियां पाई जाती हैं जिनके इस्तेमाल से बीमारियां दूर हो सकती हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हम सब को मिलकर इन जड़ी बूटियों का प्रचार-प्रसार करना होगा। इस दौरान लोगों को जड़ी बूटियों का पारंपरिक ज्ञान भी दिया गया।
विज्ञापन
कार्यशाला में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली जड़ी बूटी सेकवा, गंद्ररायण के उपयोग पर चर्चा की गई। कार्यशाला में मौजूद स्थानीय वैध कुलदीप गुंज्याल, मोहन गुंज्याल, ज्ञान सिंह दुग्ताल, नेत्र सिंह तितियाल, छोरी बोनाल ने बताया कि स्थानीय जड़ी बूटी के इस्तेमाल से हम बीमारियों को दूर कर सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कई ऐसी जड़ी बूटियां पाई जाती हैं जिनके इस्तेमाल से बीमारियां दूर हो सकती हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हम सब को मिलकर इन जड़ी बूटियों का प्रचार-प्रसार करना होगा। इस दौरान लोगों को जड़ी बूटियों का पारंपरिक ज्ञान भी दिया गया।