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Uttarakhand News: बारिश न होने से किसान मायूस, सूखने के कगार पर पहुंची फसल

Sun, 04 Jan 2026 04:04 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Sun, 04 Jan 2026 04:04 PM IST
सार

पिथौरागढ़ जिले में लंबे समय से बारिश न होने के कारण रबी फसलों पर संकट गहराने लगा है।

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Farmers are disappointed due to the lack of rain in pithoragarh
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

पिथौरागढ़ जिले में किसानों को मौसम का साथ नहीं मिल रहा है। अब तक बारिश न होने से किसान मायूस हैं। बारिश न होने से कहीं अब तक बीजों का जमाव नहीं हो सका है तो कई स्थानों पर जमाव के बाद फसलों की पौध सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। खेतों से नमी गायब होने से पाले का असर बढ़ गया है और पौध जलने लगी है। कृषि विशेषज्ञों का भी कहना है कि यदि जनवरी में बारिश नहीं हुई तो फसलों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा।

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सीमांत जिले में 21 हजार से अधिक किसान 23,000 हेक्टेयर भूमि पर रबी की खेती करते हैं। बीते मानसूनकाल में अच्छी बारिश होने से खेतों में नमी बनी रहने से किसानों ने बुआई की थी। खेतों में बीजों का जमाव तो हुआ है लेकिन लंबे समय से बारिश न होने से खेतों की नमी गायब होने के कारण गेंहू, जौ, सरसों, लाई आदि फसलों के पौधे सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। बगैर नमी के पाले का असर बढ़ने से पौध झुलसने लगी है।

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जिला मुख्यालय के आसपास, कनालीछीना, थल, डीडीहाट, नाचनी सहित अन्य हिस्सों में पौध सूखने से किसान मायूस हैं। कृषि विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि नमी गायब होने से पौधों की बढ़वार पर इसका असर पड़ने लगा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बीते मानसूनकाल में अधिक समय तक बारिश होने से खेतों में कुछ नमी शेष है। यदि जनवरी में बारिश नहीं हुई तो फसलों को व्यापक स्तर पर नुकसान हो सकता है। अब ऐसे में किसानों को बारिश का बेसब्री से इंतजार है।

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कई जगहों पर अब तक नहीं हुआ बीजों का जमाव

अस्कोट, जौलजीबी, बरम सहित अन्य घाटी वाले इलाकों में किसान देरी से बुआई करते हैं। आम तौर पर सीमांत जिले में नवंबर या दिसंबर में बारिश होने से बीजों का जमाव होता है। इस बार मौसम ने किसानों को निराश किया है। अब तक जाड़ों की बारिश न होने से इन जगहों पर बीजों का जमाव नहीं हो सका है। ऐसे में किसानों को अपनी मेहनत बेकार होने का डर सताने लगा है।


मानसूनकाल में अधिक समय तक बारिश होने से फिलहाल दिक्कत नहीं है। यदि जनवरी के पूरे महीने बारिश नहीं हुई तो यह चिंता का विषय होगा। उम्मीद है अगले कुछ दिनों में बारिश होगी। - अमरेंद्र चौधरी, मुख्य कृषि अधिकारी, पिथौरागढ़

बोले किसान

बारिश न होने से हमारी मेहनत बेकार हो रही है। फसलों की पौध सूख रही है। पाले से पौध जलने लगी है। बारिश नहीं हुई तो हमें इसका खासा नुकसान होगा। - हीरा बल्लभ, कनालीछीना


सिंचाई के लिए साधन नहीं हैं और बारिश पर ही खेती निर्भर है। बारिश न होने से बीजों का जमाव तक नहीं हो सका है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो सभी किसानों की दिक्कत बढ़ेगी। - अमर सिंह, अस्कोट
 

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