{"_id":"5ca46c69268ece59841e17f41103cffc","slug":"engineering-colleges-heavy-breakup-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरिंग कालेज में भारी गोलमाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंजीनियरिंग कालेज में भारी गोलमाल
ब्यूरो /अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 10 Jun 2015 11:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमांत इंजीनियरिंग कालेज में कार्यरत सहायक प्राध्यापक पुष्पेंद्र सिंह खड़ायत ने संस्थान के अंदर चल रही गड़बड़ियों के खिलाफ बुधवार से अनशन शुरू कर दिया है। वह कालेज के बरामदे में ही अनशन पर बैठे हैं। उनके समर्थन में आज कुछ लोगों ने धरना दिया।
विज्ञापन
संस्थान के निदेशक प्रो. वीके सिंह ने सहायक प्राध्यापक की ओर से लगाए आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। सीमांत इंजीनियरिंग कालेज में इलेक्ट्रिकल्स के सहायक प्राध्यापक पुष्पेंद्र सिंह खड़ायत ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति को भेजे पत्र में कहा कि संस्थान के निदेशक और उनके कुछ सहयोगी प्राध्यापक तथा कर्मचारी छात्रहितों को ध्यान में रखने के बजाए संस्थान में राजनीति कर रहे हैं।
विज्ञापन
संस्थान में सामान की खरीद में भारी गोलमाल किया जा रहा है। पुस्तकालय के लिए खरीदी गई रेक की कीमत बाजार मूल्य से ज्यादा लगाई गई। जब इस तरह की प्रवृत्ति का विरोध किया गया तो मेरा मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। उन्होंने सामान की खरीद में हो रही घपलेबाजी की जांच करने और दोषियों को दंडित करने की मांग की है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा है कि जब तक जांच पूरी नहीं होगी वह अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उनके समर्थन में कांग्रेस नेता भुवन पांडे, एनएसयूआई महासचिव राहुल लुंठी, दीपक तिवारी, पंकज बिष्ट, श्याम सिंह, मनीष कसनियाल, गिरीश भट्ट, हीरा सिंह, महिमन भट्ट आदि ने धरना दिया।
सीमांत इंजीनियरिंग कालेज के निदेशक प्रो. वीके सिंह ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।