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Pithoragarh News: दारमा घाटी के सोन दुग्तू और दांतू गांवों में पहुंची बिजली
Sat, 28 Jun 2025 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 28 Jun 2025 10:54 PM IST
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धारचूला के दुग्तू में उरेडा की परियोजना धरातल में उतरने के बाद बिजली से रोशन घर। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। आखिरकार चीन सीमा से सटे दारमा घाटी के 10 हजार फुट ऊंचाई पर स्थित सोन दुग्तू और दांतू गांव बिजली से रोशन हो गए हैं। उरेडा ने लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण कर इन गांवों तक बिजली पहुंचाई है जिससे ग्रामीणों में बेहद खुशी है। अब ग्रामीणों को सोलर लाइट या मोमबत्ती की रोशनी से घरों को रोशन नहीं करना पड़ेगा।
पिछले 15 वर्षों से दारमा घाटी के सेला में 1.22 करोड़ की लागत से 50 किलोवॉट, सोन दुग्तु में 92 लाख की लागत से 25 किलोवाट जबकि नागलिंग में 1.22 करोड़ की लागत से 50 किलोवाट क्षमता की लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण चल रहा है। वर्ष 2013 और 2018 की आपदा में सेला और नागलिंग में बन रही परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा तो इन्हें धरातल पर उतारना चुनौती बन गया।
आखिरकार दुग्तू परियोजना का निर्माण कार्य पूरा कर उरेडा ने इस गांव के साथ ही दांतू को बिजली से रोशन करने में सफलता हासिल कर ली है। दुग्तू के गजेंद्र सिंह दुग्ताल ने बताया कि अब तक इस परियोजना से 40 उपभोक्ता कनेक्शन ले चुके हैं। दुग्तू के पूर्व प्रधान वीरेंद्र दुग्ताल और दांतू के पूर्व प्रधान जमन सिंह दताल ने बताया कि आजादी के 76 साल बाद हमारे गांव बिजली से रोशन हुए हैं, इसकी सभी ग्रामीणों में खुशी है। उन्होंने उरेडा के साथ ही सरकार का आभार जताया है।
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दुग्तू और दांतू गांव बिजली से रोशन कर दिए गए हैं। सेला में बन रही परियोजना को आपदा से नुकसान पहुंचा है। ग्रिड से बिजली पहुंचने पर इस परियोजना को यूपीसीएल को हस्तांतरित कर दिया गया है। नागलिंग में बन रही परियोजना का 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। - बीएस कुंवर, जिला परियोजना अधिकारी, उरेडा
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पिछले 15 वर्षों से दारमा घाटी के सेला में 1.22 करोड़ की लागत से 50 किलोवॉट, सोन दुग्तु में 92 लाख की लागत से 25 किलोवाट जबकि नागलिंग में 1.22 करोड़ की लागत से 50 किलोवाट क्षमता की लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण चल रहा है। वर्ष 2013 और 2018 की आपदा में सेला और नागलिंग में बन रही परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा तो इन्हें धरातल पर उतारना चुनौती बन गया।
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आखिरकार दुग्तू परियोजना का निर्माण कार्य पूरा कर उरेडा ने इस गांव के साथ ही दांतू को बिजली से रोशन करने में सफलता हासिल कर ली है। दुग्तू के गजेंद्र सिंह दुग्ताल ने बताया कि अब तक इस परियोजना से 40 उपभोक्ता कनेक्शन ले चुके हैं। दुग्तू के पूर्व प्रधान वीरेंद्र दुग्ताल और दांतू के पूर्व प्रधान जमन सिंह दताल ने बताया कि आजादी के 76 साल बाद हमारे गांव बिजली से रोशन हुए हैं, इसकी सभी ग्रामीणों में खुशी है। उन्होंने उरेडा के साथ ही सरकार का आभार जताया है।
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दुग्तू और दांतू गांव बिजली से रोशन कर दिए गए हैं। सेला में बन रही परियोजना को आपदा से नुकसान पहुंचा है। ग्रिड से बिजली पहुंचने पर इस परियोजना को यूपीसीएल को हस्तांतरित कर दिया गया है। नागलिंग में बन रही परियोजना का 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। - बीएस कुंवर, जिला परियोजना अधिकारी, उरेडा