फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   due to Lack of facilities people are not coming to the hospital

सुविधाओं का अभाव, अस्पताल को लोग नहीं दे रहे भाव

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 12:08 AM IST
विज्ञापन
due to Lack of facilities people are not coming to the hospital
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार कितने ही दावे करती रहे लेकिन ग्रामीण अस्पतालों की हकीकत कुछ और ही होती है। दूरस्थ के बिनकोट अस्पताल में मरीजों को सड़क से अस्पताल लाने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं हैं। इस कारण सुविधाओं के अभाव में मरीजों ने अस्पताल में आना कम कर दिया है।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय से 38 किमी दूर मूनाकोट ब्लॉक के राजकीय एलौपेथिक चिकित्सालय बिनकोट में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते मरीजों की संख्या घट गई हैं। अस्पताल में धुर्चू, बगौर, गौंछ, अखुली, धौलकांडा, कुनकटिया, धामीगौड़ा, गलात, बंदा सहित तीन दर्जन गांवों के लोग इलाज के लिए आते हैं लेकिन अस्पताल में शुगर और हिमोग्लोबीन की जांच की सुविधा तक नहीं है। रोजाना सर्दी-बुखार से पीड़ित सात-आठ मरीज ही अस्पताल आते हैं। संवाद
विज्ञापन

आवासीय भवन बदहाल
सरकार ने अस्पताल में डॉक्टर और फार्मासिस्ट को तैनात तो किया है लेकिन उनके रहने के लिए बनाए भवनों के हाल बुरे हैं। भवनों की छतें टपकने लगी हैं। सीलन के चलते कमरों में जून में भी ठंड रहती हैं। अस्पताल में आज तक पानी का कनेक्शन नहीं लग पाया हैं। डाक्टर के रहने के लिए बनाए गए कमरे में दरवाजे भी टूटे हैं। अस्पताल में इमरजेंसी मरीज को भर्ती करने के लिए चार बेड भी लगे हैं। क्षेत्र में कोई घटना हो जाए तो गांव में कमरा लेकर रह रहे फार्मासिस्ट को बुलाना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्पताल में है ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में चाहे कुछ भी सुविधा न दी हो लेकिन कोरोना काल में दो ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर जरूर दिए हैं। इनका उपयोग एक या दो बार ही हुआ है। अखुली के प्रधान मिलाप कुमार ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना चाहिए। प्रत्येक अस्पताल में एक इमरजेंसी डॉक्टर भी तैनात होना चाहिए।

अस्पताल के भवनों की मरम्मत के लिए सीएमओ कार्यालय से पत्राचार किया गया है। पैसा स्वीकृत होते ही पानी और मरम्मत का कार्य किया जाएगा। - डॉ. कनक जोशी, प्रभारी, राजकीय एलोपैथिक अस्पताल, बिनकोट।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed