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Pithoragarh News: बदलते मौसम बच्चे निमोनिया की जकड़ में और बुजुर्गों की फूल रही सांस
Tue, 24 Feb 2026 11:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:04 PM IST
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जिला अस्पातल में इलाज कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद
पिथौरागढ़। जाड़े का मौसम बीत गया है। इसके बाद भी सीमांत जिले में दिन में गर्मी तो सुबह-शाम अब भी ठंड जारी है। यह बदलता मौसम बच्चों और बुजुर्गों को बीमार कर रहा है। मौसम में बदलाव के चलते बच्चे निमोनिया तो बुजुर्ग सांस की दिक्कत की जगड़ में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में हर रोज निमोनिया और सांस की दिक्कत के 50 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, मौसम में बदलाव, वातावरण में फैली धुंध से बीमारियां बढ़ने लगी हैं। खासकर बच्चे निमोनिया से तो बुजुर्ग सांस की दिक्कत से ग्रसित हो रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि हर रोज पांच से 15 वर्ष के 20 से अधिक बच्चे निमोनिया के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं 60 से 75 वर्ष के 30 बुजुर्ग सांस लेने में दिक्कत, दमा, फेफड़ों में संक्रमण के इलाज के आ रहे हैं।
डॉक्टरों ने कहा किसुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने, साफ पानी पीने और पौष्टिक आहार के उपयोग से बच्चों को निमोनिया से बचाया जा सकता है। वहीं वातावरण में फैली धूल से बुजुर्गों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करना चाहिए। बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार जरूरी है।
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अस्पताल में बढ़ने लगा मरीजों का दबाव
मौसम बदलते ही जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ने लगा है। एक सप्ताह पूर्व तक हर रोज करीब 420 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे। अब यहां ओपीडी 550 से 600 तक पहुंच रही है। वर्तमान में अस्पताल में 108 मरीज भर्ती हैं जबकि एक सप्ताह पूर्व तक इनकी संख्या 90 से कम रहती थी।
कोट
मौसम बदलने से बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना जरूरी है। चिकित्सक की सलाह पर ही बच्चों को दवा दी जानी चाहिए। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, मौसम में बदलाव, वातावरण में फैली धुंध से बीमारियां बढ़ने लगी हैं। खासकर बच्चे निमोनिया से तो बुजुर्ग सांस की दिक्कत से ग्रसित हो रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि हर रोज पांच से 15 वर्ष के 20 से अधिक बच्चे निमोनिया के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं 60 से 75 वर्ष के 30 बुजुर्ग सांस लेने में दिक्कत, दमा, फेफड़ों में संक्रमण के इलाज के आ रहे हैं।
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डॉक्टरों ने कहा किसुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने, साफ पानी पीने और पौष्टिक आहार के उपयोग से बच्चों को निमोनिया से बचाया जा सकता है। वहीं वातावरण में फैली धूल से बुजुर्गों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करना चाहिए। बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार जरूरी है।
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अस्पताल में बढ़ने लगा मरीजों का दबाव
मौसम बदलते ही जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ने लगा है। एक सप्ताह पूर्व तक हर रोज करीब 420 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे। अब यहां ओपीडी 550 से 600 तक पहुंच रही है। वर्तमान में अस्पताल में 108 मरीज भर्ती हैं जबकि एक सप्ताह पूर्व तक इनकी संख्या 90 से कम रहती थी।
कोट
मौसम बदलने से बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। सभी को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना जरूरी है। चिकित्सक की सलाह पर ही बच्चों को दवा दी जानी चाहिए। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़