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Pithoragarh News: जिसके नाम करोड़ों खर्च, वहां सूखा... योजना पर उठे सवाल

Thu, 15 Jan 2026 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 15 Jan 2026 10:46 PM IST
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Drought in the name of those in whose name crores were spent... questions raised on the scheme
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले की सीमा पर निर्माणाधीन बासुकी नाग पंपिंग योजना का काम अब अंतिम चरण में है। हैरान करने वाली बात यह कि बासुकी नाग धाम के साथ सीमा चकलेटी और काकड़ पानी जैसे गांवों को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। जिसके नाम पर करोड़ों रुपये की पेयजल पंपिंग योजना बनाई गई, वहां के गांवों के लोग आज भी पानी के लिए परेशानी उठा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि डीपीआर तैयार करते समय बासुकी नाग धाम और सीमा चकलेटी गांव योजना में शामिल थे। आज जमीनी हकीकत इससे उलट है। इन इलाकों में लोगों को दूर-दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। आस्था का प्रमुख केंद्र और पर्यटन स्थल होने के बावजूद बासुकी नाग धाम में पेयजल की सुविधा न होना लोगों में आक्रोश पैदा कर रहा है।
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योजना से वंचित किए जाने से नाराज दोनों जिलों के सीमावर्ती गांवों के लोग अब खुलकर विरोध में उतर आए हैं। पिथौरागढ़ और बागेश्वर के करीब दो दर्जन जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही 30 ग्राम पंचायत समूह की संयुक्त बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
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सीएम-डीएम तक पहुंचाई बात
अट्टीगांव के आराध्य बासुकी नाग धाम को पेयजल योजना से वंचित किए जाने को लेकर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। कुछ दिन पहले गंगोलीहाट पहुंचे जिलाधिकारी को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बासुकी नाग धाम और प्रमुख राजस्व गांव सीमा चकलेटी में योजना के तहत पाइपलाइन तक नहीं बिछाई गई है। जानकारी के अनुसार इस योजना में अब तक करीब 70 करोड़ रुपये की धनराशि जारी हो चुकी है। वहीं पानी जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में सीमा चकलेटी गांव धीरे-धीरे अपने अस्तित्व को खोता जा रहा है। संवाद
जनता मांगे जवाब
आस्था के धाम और पर्यटन स्थल बासुकीनाग को ही योजना से वंचित रखा गया। इसमें शामिल लोगों की कार्यप्रणाली की जांच होनी चाहिए। - मंटू पंत, निवासी देवराड़ी पंत
देवराड़ी पंत से 3 किलोमीटर खड़ी चढ़ाई च़ढ़कर बासुकी नाग धाम पहुंचते हैं। लोग पानी देवराडी पंत के स्रोत से डिब्बों में भरकर ले जाते हैं, तब पूजा अर्चना हो पाती है। इसका समाधान चाहिए। - नीमा देवी, पूर्व प्रधान, सीमा चकलेटी
बासुकी नाग धाम की अनदेखी चिंताजनक है। इस विषय में अधिकारियों को कई पत्र भेजे गए हैं। दोनों जनपदों के 30 ग्राम पंचायत समूह की संयुक्त बैठक बुलाकर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। - चंद्र बल्लभ पांडेय, सामाजिक कार्यकर्ता
वष्र 2018 में स्वीकृत हुई इस पेयजल योजना में सीमा चकलेटी का नाम पूर्व से प्रस्तावित है। इसका प्रमाण ऑनलाइन पोर्टल पर आज भी उपलब्ध है। अब पता चल रहा है कि यहां पानी नहीं मिलेगा। - दीपक पंत, ग्राम प्रधान, पासदेव देवराड़ीपंत


कोट
बासुकीनाग धाम और सीमा चकलेटी तथा काकड़ पानी गांव की समस्या के बारे में पता चला है। यहां भी पानी अवश्य पहुंचेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। - फकीर राम टम्टा, विधायक गंगोलीहाट
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