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डा. राम सिंह पर शोध प्रबंध तैयार करेगा सौरभ वल्दिया
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 14 Oct 2016 10:54 PM IST
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शोधछात्र सौरभ वल्दिया
- फोटो : अमर उजाला
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दिवंगत इतिहासकार एवं लेखक डा. राम सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर इतिहास विभाग का शोधार्थी सौरभ वल्दिया शोध प्रबंध तैयार करेगा। उनके शोधकार्य का निर्देशन कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के अध्यक्ष और संयोजक प्रो. गिरधर सिंह नेगी करेंगे।
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वर्ष 2015 में पिथौरागढ़ कॉलेज से इतिहास विषय में एमए करने के बाद सौरभ ने पीएचडी करने का फैसला लिया। इस बीच प्रो. नेगी ने डा. राम सिंह पर शोधकार्य करने के लिए पिथौरागढ़ के ही किसी विद्यार्थी को प्राथमिकता देने का एलान किया। शुक्रवार को सौरभ ने डा. राम सिंह का व्यक्तित्व और कृतित्व विषय का चयन कर लिया है। इसकी जानकारी प्रो. नेगी को भी दे दी है। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय के निकट ड्योडार गांव निवासी सौरभ ने बताया कि डा. राम सिंह की कुछ पुस्तकें जुटा ली है। अभी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में छपे उनके लेखों का संकलन करना है।
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अपना शोध प्रबंध तैयार करने के लिए सौरभ ने प्रो. केएस वल्दिया, डा. शेखर पाठक, डा. मदन चंद्र भट्ट, प्रो. श्याम लाल, डा. एलएम पंत, डा. पुष्पेश पंत, डा. बटरोही, डा. तारा चंद्र त्रिपाठी, पत्रकार बीडी कसनियाल से मिलने का फैसला लिया है। यह सभी डा. राम सिंह के बारे में जानकारी रखते हैं। खास बात यह है कि किसी विद्वान के दिवंगत होने के तीसरे ही दिन उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर काम करने के लिए कोई शोधार्थी आगे आया है।
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डा. राम सिंह को कॉलेज में दी श्रद्धांजलि
इतिहासकार और लेखक डा. राम सिंह को शुक्रवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शोकसभा कर श्रद्धांजलि दी गई। डा. सिंह लंबे समय तक इस कॉलेज में हिंदी विभागाध्यक्ष रहे थे। प्राचार्य डा. डीएस पांगती ने कहा कि डा. सिंह के निधन से कुमाऊं का एक प्रखर रचनाकार चला गया है। इस क्षति की भरपाई संभव नहीं है। वरिष्ठ प्राध्यापक डा. एनएस बनकोटी ने शोक प्रस्ताव पढ़ा और पूरे कॉलेज की तरफ से शोक प्रस्ताव बनाकर डा. राम सिंह के परिजनों को भेजा गया। शोकसभा में कई प्राध्यापक और विद्यार्थी मौजूद थे।