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Pithoragarh News: सरपट दौड़ें वाहन इसलिए फिर से भागेगी डीपीआर की फाइल
Sun, 20 Apr 2025 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 20 Apr 2025 10:55 PM IST
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थल-मुनस्यारी सड़क पर बरसात में हरड़िया पहाड़ी के पास इस तरह के होते हैं हालात। फाइल फोटो।
नाचनी/पिथौरागढ़। पर्यटन के साथ ही सामरिक महत्व की थल-मुनस्यारी सड़क पर खतरा बनी हरड़िया की पहाड़ी के ट्रीटमेंट के लिए तीन वर्ष पूर्व भेजे गए 18 करोड़ के प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली है। अब लोक निर्माण विभाग टीएचडीसी से सर्वे कराने के बाद फिर से डीपीआर तैयार कर शासन को भेजेगा। ट्रीटमेंट नहीं होने के कारण इस साल भी वर्षाकाल में सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटक और चीन सीमा पर सुरक्षा में डटे सैनिकों को मुश्किलें पेश आ सकती हैं।
चीन सीमा को जोड़ने वाली थल-मुनस्यारी सड़क मुनस्यारी की लाइफलाइन है। खाद्यान्न, रसोई गैस और निर्माण सामग्री से लेकर सभी जरूरी सामान इसी मार्ग से मुनस्यारी तक पहुंचता है। मुनस्यारी प्रमुख पर्यटन केंद्र होने से देश-विदेश के हजारों पर्यटक हर साल यहां आते हैं। इसके अलावा सीमा की सुरक्षा में तैनात जवान भी इसी सड़क से होते हुए चीन सीमा तक पहुंचते हैं। हरड़िया के एक दशक से पहाड़ी लगातार दरक रही है और लगभग 150 मीटर दायरे में लगातार भूस्खलन हो रहा है।
बरसात के मौसम में लोक निर्माण विभाग इस स्थान पर एक जेसीबी मशीन तैनात कर पहाड़ी से गिरने वाले मलबे और बोल्डरों को हटाकर सड़क पर आवाजाही सुचारु कराता है। बरसात के सीजन में कई बार बारिश होने पर पहाड़ी के लगातार दरकने से आवाजाही बंद हो जाती है। ऐसे में लोगों को 100 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाकर जौलजीबी से मुनस्यारी पहुंचना पड़ता है। पिछले साल पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से 20 मीटर सड़क रामगंगा में समा गई थी। इससे गंभीर हालात पैदा हो गए थे।
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सड़क खोलने में हर साल खर्च हो रहे लाखों रुपये
थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया के पास पहाड़ी दरकने से यातायात सुचारु रखना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। लोनिवि को मशीन और कर्मचारी तैनात रखने पड़ते हैं। अनुमान के मुताबिक एक दशक में सड़क खोलने में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं।
कोट
हरड़िया नया बस्ती स्लाइड जोन ट्रीटमेंट के लिए तीन वर्ष पूर्व 18 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जो स्वीकृत नहीं हो पाया है। अब शासन के निर्देशानुसार टीएचडीसी से सर्वे कराकर फिर से डीपीआर तैयार की जा रही है। - आशुतोष, अधिशासी अभियंता लोनिवि डीडीहाट
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चीन सीमा को जोड़ने वाली थल-मुनस्यारी सड़क मुनस्यारी की लाइफलाइन है। खाद्यान्न, रसोई गैस और निर्माण सामग्री से लेकर सभी जरूरी सामान इसी मार्ग से मुनस्यारी तक पहुंचता है। मुनस्यारी प्रमुख पर्यटन केंद्र होने से देश-विदेश के हजारों पर्यटक हर साल यहां आते हैं। इसके अलावा सीमा की सुरक्षा में तैनात जवान भी इसी सड़क से होते हुए चीन सीमा तक पहुंचते हैं। हरड़िया के एक दशक से पहाड़ी लगातार दरक रही है और लगभग 150 मीटर दायरे में लगातार भूस्खलन हो रहा है।
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बरसात के मौसम में लोक निर्माण विभाग इस स्थान पर एक जेसीबी मशीन तैनात कर पहाड़ी से गिरने वाले मलबे और बोल्डरों को हटाकर सड़क पर आवाजाही सुचारु कराता है। बरसात के सीजन में कई बार बारिश होने पर पहाड़ी के लगातार दरकने से आवाजाही बंद हो जाती है। ऐसे में लोगों को 100 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाकर जौलजीबी से मुनस्यारी पहुंचना पड़ता है। पिछले साल पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से 20 मीटर सड़क रामगंगा में समा गई थी। इससे गंभीर हालात पैदा हो गए थे।
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सड़क खोलने में हर साल खर्च हो रहे लाखों रुपये
थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया के पास पहाड़ी दरकने से यातायात सुचारु रखना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। लोनिवि को मशीन और कर्मचारी तैनात रखने पड़ते हैं। अनुमान के मुताबिक एक दशक में सड़क खोलने में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं।
कोट
हरड़िया नया बस्ती स्लाइड जोन ट्रीटमेंट के लिए तीन वर्ष पूर्व 18 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जो स्वीकृत नहीं हो पाया है। अब शासन के निर्देशानुसार टीएचडीसी से सर्वे कराकर फिर से डीपीआर तैयार की जा रही है। - आशुतोष, अधिशासी अभियंता लोनिवि डीडीहाट