धारचूला (पिथौरागढ़)। 29 अगस्त को आई आपदा के बाद अभी जुम्मा गांव में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। पैदल रास्तों और पेयजल योजनाओं के ध्वस्त होने से लोग परेशान हैं। लोगों ने शीघ्र रास्तों और पेयजल योजनाओं को ठीक करने की मांग की है।
मंगलवार को आपदा प्रभावितों ने ब्लाक प्रमुख धन सिंह धामी और एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला को ज्ञापन देकर कहा कि 29 अगस्त को अतिवृष्टि के कारण जामुनी और सिरओडारी में भूस्खलन को चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। उसी दिन जुम्मा में रोड़ा, लालीगड़ा और पलपला में अतिवृष्टि से सात पेयजल योजनाएं, सात पैदल पुल, सैकड़ों नाली कृषि भूमि और तीन तोकों के 500 से अधिक आबादी को जोड़ने वाले सभी संपर्क मार्ग आपदा की भेंट चढ़ गए। ग्रामीणों को नौ दिन बीतने के बाद भी मदद नहीं मिल पाई है। पूर्व प्रधान मदन धामी और धन सिंह ने जिला प्रशासन और सरकार पर आपदा प्रभावितों की अनदेखी के आरोप लगाए। ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी ने कहा कि शीघ्र ही पीड़ितों को साथ लेकर देहरादून में सीएम से मुलाकात कर विस्थापन की मांग की जाएगी। एसडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। वहां नंदन सिंह, धर्मेंद्र सिंह, बीरपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, धन सिंह।