फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Disaster in Munsyari

धापा के सौ से अधिक परिवारों को नहीं मिला मुआवजा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2022 11:09 PM IST
विज्ञापन
Disaster in Munsyari
मुनस्यारी के भदेली गांव में जमीन धंसने से फटी मकान की दरारें। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। हर साल आपदा का दंश झेलने वाले सीमांत मुनस्यारी के ग्रामीणों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। भदेली गांव के परिवारों को विस्थापित करने के लिए स्थल चयनित नहीं हो पाया है। धापा गांव में सौ से अधिक परिवार ऐसे हैं जो मुआवजे की आस में खतरा बने भवनों में रहने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन

मुनस्यारी के आपदा प्रभावित गांव धापा में 2013 से लगातार भूस्खलन के कारण स्थितियां गंभीर बनी हुई हैं। इस गांव में जमीन में दरारें पड़ने और धंसने से पूरा गांव खतरे की जद में आ गया है। गांव में डेढ़ सौ से अधिक परिवार रहते हैं। प्रशासन ने पुनर्वास के लिए केवल 56 परिवारों को ही मुआवजा दिया है जबकि सौ से अधिक परिवार मुआवजे की आस में खतरा बने घरों में ही रह रहे हैं। नरु राम का परिवार प्राथमिक विद्यालय में रहने को मजबूर है।
विज्ञापन

वहीं आपदा प्रभावित गांव जोशा में सभी 27 परिवारों को मुआवजा मिल चुका है जिनमें से 22 परिवारों के घर बन चुके हैं। शेष लोगों के घर निर्माण पूर्ण होने की स्थिति में हैं। गांव के तीन परिवार अब भी प्राथमिक विद्यालय के भवन में रह रहे हैं जिनमें दुर्गा राम, डिगर राम और मंगल राम के परिवार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जोशा के प्रधान राजेश रोशन ने बताया कि अधिकतर लोगों के घर लगभग बन चुके हैं शेष पूर्ण होने की स्थिति में हैं। सबसे खराब हाल आपदा प्रभावित गांव भदेली के हैं। पूरे गांव के निचले और ऊपरी हिस्से में दरारें पड़ चुकी हैं। मकानों की दीवारों में एक फीट से अधिक चौड़ी दरारें आई हैं। इसके बावजूद इन परिवारों का पुनर्वास नहीं हो पाया है जहां पर प्रशासन ने जगह चयनित की है वहां ग्रामीण सहमत नहीं हैं, इस कारण इनके पुनर्वास की कार्रवाई नहीं हो पाई है। ऐसे में खतरा बने गांव में रह रहे परिवारों के साथ कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी उपजाऊ जमीन को गोरी नदी निगल चुकी है। जमीन धंसने से मकानों में भी दरारें पड़ चुकी हैं। बरसात में हर समय खतरा बना रहता है।
आपदा को देखते हुए पूरे तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में रह रहे लोगों को सचेत किया गया है। धापा के शेष परिवारों की फाइल शासन को भेजी गई है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी उन परिवारों को भी मुआवजा दिया जाएगा। -एके सिंह, तहसीलदार मुनस्यारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed