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Pithoragarh News: 86 सड़कों पर लगा आपदा का ब्रेक, कई गांवों का संपर्क कटा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2024 10:50 PM IST
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Disaster hit 86 roads, contact with many villages cut off
टनकपुर-तवाघाट एनएच के चेतलधार में सड़क बंद होने पर पैदल आवाजाही करते लोग। स्रोत: ग्रामीण
बीते दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा के गांवों को जोड़ने समेत ग्रामीण क्षेत्र की 30 सड़कें बंद हैं। वहीं चंपावत जिले में 56 सड़कें बंद हैं। इससे दोनों जिलों के कई गांवों का मुख्यालयों से संपर्क कट गया है। कई गांव अलग-थलग पड़ने से लोगों की दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। कई जगह वाहनों का संचालन भी बंद होने से सब्जियों के साथ खाद्य सामग्री की किल्लत होने लगी है। वहीं कई आवासीय मकान मलबा आने से क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत ये रही कि कोई जनहानि नहीं हुई है। पेयजल लाइन आपदा की भेंट चढ़ने से पानी का संकट भी गहरा गया है। दोनों जिलों के कई इलाकों में बिजली लाइनों में फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति ठप है जिससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं।
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चंपावत में 56 सड़कें बंद होने से एक लाख की आबादी परेशान
-ग्रामीण क्षेत्रों से नहीं पहुंचा पा रहा दूध
-राज्य मार्ग और बार्डर सड़क भी बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। जिले में पिछले तीन जुलाई से ग्रामीण सड़कें बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से बिक्री के लिए बाजार आने वाला दूध, सब्जी आदि बाजार नहीं पहुंच पा रहा है। 56 ग्रामीण सड़कें बंद होने से 60 से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है।
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ग्रामीण सड़कें बंद होने से अमोड़ी, छतकोट, बांकू, सुल्ला पासम, स्याला, पोथ, बजौन, रीठा, रम, कोठेरा, सांगो, परेवा, चौड़ापिता, बासबसवारी, झनकांडे, पनिया, रीठाखाल, किमतोला रौसाल, पटनगांव, पुनौली समेत कई गांव के लोग परेशान हैं। सबसे अधिक मुश्किल दूध और सब्जी बेचकर जीवन यापन करने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके लिए बाजार आना संभव नहीं हो रहा है। सड़क बंद होने से करीब 500 लीटर से अधिक दूध गांव में ही खपाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें दूध सड़क तक पहुंचाने के लिए दो से सात किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से ग्रामीण सड़कें शीघ्र खोलने की मांग की है।
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