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सरकार के खिलाफ गरजे विभिन्न संगठन
Tue, 08 Jan 2019 10:35 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Tue, 08 Jan 2019 10:35 PM IST
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पिथौरागढ़ में जुलूस निकालकर प्रदर्शन करती आशाएं।
- फोटो : पिथौरागढ़
सीमांत जिले में ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों, दवा प्रतिनिधि संघ से जुड़े प्रतिनिधियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप लगाया।
दवा प्रतिनिधि मंगलवार को गांधी चौक पर एकत्र हुए और नारेबाजी की। संघ के अध्यक्ष भुवन पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार अपने वादों से मुकर रही है। पीके मिश्रा ने श्रम कानूनों को जल्द लागू करने की मांग उठाई। डीडी अवस्थी ने कहा कि सरकार समय रहते उनकी मांगों को पूरा करे। उन्होंने न्यूनतम वेतनमान 18 हजार करने, स्थायी कार्यों में ठेका प्रथा बंद करने, पुरानी पेंशन नीति बहाल करने, असंगठित मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा कानून बनाने, रोजगार सृजन के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर संघ के सचिव भगवान सिंह, सुरेश जोशी, जगदीश पांडे, महेश भट्ट, अजहर अहमद, भरत कुमार, महेश बसेड़ा, निर्मल पांडे, हरेंद्र जोशी, सीपी ओझा, सीएस अवस्थी, डीडी डंगरिया, रविंद्र चंद, मनोज बिष्ट, षष्टी पांडेय, केके पाल, हरीश मेहरा आदि मौजूद रहे। रोडवेज अधिकारी, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने रोडवेज परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
उन्होंने श्रमिक और कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना की। वक्ताओं ने सरकार पर बकाया निगम का 80 करोड़ रुपया शीघ्र अवमुक्त करने की मांग उठाई। इस मौके पर इंटक के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह महर, अनिल जोशी, प्रदीप त्रिपाठी, विनोद पांडेय, दिनेश पाठक, भगत सिंह, दिनेश सिंह, अनिल त्रिपाठी, नवीन कोठारी, नेत्र बल्लभ पांडेय, जगदीश भट्ट, अंजना डांगा, पार्वती देवी, मोहनी देवी, मनोज कुमार, भरतमणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। आशा हेल्थ वर्कर्स और आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की ओर से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। इसमें आशाओं को कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन 18 हजार देने, प्रशिक्षण एनजीओ से हटाकर स्वास्थ्य विभाग से कराने की मांग की गई है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष इंद्रा देउपा, हेमलता सौन, सीमा नगरकोटी, माधवी देवी, कमला भट्ट, रीता वल्दिया, लीला जोशी, नीरु पाठक आदि मौजूद रहे। उधर, डीडीहाट में भी आशा वर्कर्स ने नगर में जुलूस निकाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर पिंकी कलौनी, कमला पंचपाल, हरिप्रिया चौहान, माधवी आदि मौजूद रहे। बीमा कर्मचारी संघ से जुड़े कार्मिक भी हड़ताल पर रहे। एलआईसी शाखा कार्यालय में वक्ताओं ने लंबित वेतन पुनर्निर्धारण, बीमा में जीएसटी का विरोध, विनिवेश और निजीकरण का विरोध, वर्ग तीन और चार की भर्ती करने की मांग उठाई। इस मौके पर शाखा अध्यक्ष डीएन भट्ट, हिमांशु जोशी, जीएस बसेड़ा, राजीव जोशी, लक्की तिवारी, वैभव भट्ट, मोहन राम आदि मौजूद रहे।
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सीमांत जिले में 42 करोड़ का कारोबार प्रभावित
पिथौरागढ़। ट्रेड यूनियन के आह्वान पर उत्तराखंड ग्रामीण बैंक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा से जुड़े कार्मिक भी हड़ताल पर रहे। उन्होंने मुख्य शाखा पर एकत्र हो कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने पेंशन समानता के निर्णय को मूल भावना के अनुरूप लागू करने, अस्थाई, अंशकालिक कार्मिकों का नियमितीकरण, बैंकों के निजीकरण का विरोध, मृतक आश्रित नौकरी योजना, प्रोन्नति, भर्ती नियमों में समानता जैसी मांगें उठाई। बैंक की हड़ताल के चलते करीब 40 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। इस मौके पर क्षेत्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी, अजय जोशी, हरीश पंत, फलराम दुग्ताल, दिपेश बोहरा, कुलदीप रावत, बीएस धामी, विजय पाटनी, भुवनेश, दीक्षा जोशी, लाल सिंह आदि मौजूद रहे। अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ ग्रुप सी के बैनर तले कार्मिक हड़ताल पर रहे। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली, रिक्त पदों पर नियुक्ति, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने, सातवें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की मांग उठाई। डाक कर्मियों की हड़ताल से मंडल में दो करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। इस मौके पर अध्यक्ष जगदीश चंद्र जोशी, सचिव जिज्ञासु पाठक, प्रताप मेहरा, धर्मावती, मनोज पुनेठा, मयंक पांडेय, गौरव पांडेय समेत कई कार्मिक मौजूद रहे।
चंपावत में दस करोड़ का कारोबार प्रभावित
चंपावत। मंगलवार को शुरू हुई ट्रेड यूनियनों की दो दिनी हड़ताल के कारण चंपावत जिले में करीब दस करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा। चंपावत मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर ईश्वरी दत्त जोशी ने बताया कि अकेले डाक विभाग में ही पांच करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित रहा।
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दवा प्रतिनिधि मंगलवार को गांधी चौक पर एकत्र हुए और नारेबाजी की। संघ के अध्यक्ष भुवन पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार अपने वादों से मुकर रही है। पीके मिश्रा ने श्रम कानूनों को जल्द लागू करने की मांग उठाई। डीडी अवस्थी ने कहा कि सरकार समय रहते उनकी मांगों को पूरा करे। उन्होंने न्यूनतम वेतनमान 18 हजार करने, स्थायी कार्यों में ठेका प्रथा बंद करने, पुरानी पेंशन नीति बहाल करने, असंगठित मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा कानून बनाने, रोजगार सृजन के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर संघ के सचिव भगवान सिंह, सुरेश जोशी, जगदीश पांडे, महेश भट्ट, अजहर अहमद, भरत कुमार, महेश बसेड़ा, निर्मल पांडे, हरेंद्र जोशी, सीपी ओझा, सीएस अवस्थी, डीडी डंगरिया, रविंद्र चंद, मनोज बिष्ट, षष्टी पांडेय, केके पाल, हरीश मेहरा आदि मौजूद रहे। रोडवेज अधिकारी, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने रोडवेज परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
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उन्होंने श्रमिक और कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना की। वक्ताओं ने सरकार पर बकाया निगम का 80 करोड़ रुपया शीघ्र अवमुक्त करने की मांग उठाई। इस मौके पर इंटक के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह महर, अनिल जोशी, प्रदीप त्रिपाठी, विनोद पांडेय, दिनेश पाठक, भगत सिंह, दिनेश सिंह, अनिल त्रिपाठी, नवीन कोठारी, नेत्र बल्लभ पांडेय, जगदीश भट्ट, अंजना डांगा, पार्वती देवी, मोहनी देवी, मनोज कुमार, भरतमणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। आशा हेल्थ वर्कर्स और आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की ओर से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। इसमें आशाओं को कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन 18 हजार देने, प्रशिक्षण एनजीओ से हटाकर स्वास्थ्य विभाग से कराने की मांग की गई है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष इंद्रा देउपा, हेमलता सौन, सीमा नगरकोटी, माधवी देवी, कमला भट्ट, रीता वल्दिया, लीला जोशी, नीरु पाठक आदि मौजूद रहे। उधर, डीडीहाट में भी आशा वर्कर्स ने नगर में जुलूस निकाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर पिंकी कलौनी, कमला पंचपाल, हरिप्रिया चौहान, माधवी आदि मौजूद रहे। बीमा कर्मचारी संघ से जुड़े कार्मिक भी हड़ताल पर रहे। एलआईसी शाखा कार्यालय में वक्ताओं ने लंबित वेतन पुनर्निर्धारण, बीमा में जीएसटी का विरोध, विनिवेश और निजीकरण का विरोध, वर्ग तीन और चार की भर्ती करने की मांग उठाई। इस मौके पर शाखा अध्यक्ष डीएन भट्ट, हिमांशु जोशी, जीएस बसेड़ा, राजीव जोशी, लक्की तिवारी, वैभव भट्ट, मोहन राम आदि मौजूद रहे।
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सीमांत जिले में 42 करोड़ का कारोबार प्रभावित
पिथौरागढ़। ट्रेड यूनियन के आह्वान पर उत्तराखंड ग्रामीण बैंक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा से जुड़े कार्मिक भी हड़ताल पर रहे। उन्होंने मुख्य शाखा पर एकत्र हो कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने पेंशन समानता के निर्णय को मूल भावना के अनुरूप लागू करने, अस्थाई, अंशकालिक कार्मिकों का नियमितीकरण, बैंकों के निजीकरण का विरोध, मृतक आश्रित नौकरी योजना, प्रोन्नति, भर्ती नियमों में समानता जैसी मांगें उठाई। बैंक की हड़ताल के चलते करीब 40 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। इस मौके पर क्षेत्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी, अजय जोशी, हरीश पंत, फलराम दुग्ताल, दिपेश बोहरा, कुलदीप रावत, बीएस धामी, विजय पाटनी, भुवनेश, दीक्षा जोशी, लाल सिंह आदि मौजूद रहे। अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ ग्रुप सी के बैनर तले कार्मिक हड़ताल पर रहे। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली, रिक्त पदों पर नियुक्ति, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने, सातवें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की मांग उठाई। डाक कर्मियों की हड़ताल से मंडल में दो करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। इस मौके पर अध्यक्ष जगदीश चंद्र जोशी, सचिव जिज्ञासु पाठक, प्रताप मेहरा, धर्मावती, मनोज पुनेठा, मयंक पांडेय, गौरव पांडेय समेत कई कार्मिक मौजूद रहे।
चंपावत में दस करोड़ का कारोबार प्रभावित
चंपावत। मंगलवार को शुरू हुई ट्रेड यूनियनों की दो दिनी हड़ताल के कारण चंपावत जिले में करीब दस करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा। चंपावत मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर ईश्वरी दत्त जोशी ने बताया कि अकेले डाक विभाग में ही पांच करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित रहा।