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दो भाई सेना में भर्ती हुए तो छुरमल देवता को पूजने सिंगाली पहुंचा बिहार का सैनिक
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सिंगाली धनलेख के छुरमल मंदिर में मनोज कुमार। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
दो भाइयों के सेना में भर्ती होने की मन्नत पूरी होने पर बिहार का एक सैनिक सैकड़ों किलोमीटर दूर छुरमल देवता की पूजा करने पिथौरागढ़ जिले के सिंगाली स्थित धनलेख पहुंचा। मंदिर तीन दिन तक भंडारे का आयोजन करने के बाद लौटते समय इस सैनिक ने शीघ्र पूरे परिवार के साथ दोबारा पूजा के लिए यहां आने की बात कही है।
बिहार के गया जिला निवासी मनोज कुमार सेना में हैं। उन्होंने बताया कि उनके दो भाई अनुज कुमार और सनुज कुमार लंबे समय से सेना में भर्ती के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन कुछ न कुछ अड़चन के कारण भर्ती नहीं हो पा रहे थे। पिछले साल उनकी बटालियन में तैनात डीडीहाट क्षेत्र के एक जवान ने उन्हें सिंगाली के धनलेख स्थित छुरमल देवता से भाइयों की भर्ती के लिए मनौती मांगने की सलाह दी।
मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने यूनिट से ही छुरमल देवता का आह्वान कर दोनों भाइयों के भर्ती होने पर पूजा करने की मन्नत मांगी। तीन माह पूर्व हुई सेना भर्ती उनके दोनों भाइयों के लिए अंतिम चांस था। दोनों भाई सेना में भर्ती हो गए। दोनों भाइयों के सेना में भर्ती होते ही मनोज कुमार छुट्टी लेकर तीन दिन पहले सिंगाली स्थित धनलेख के छुरमल मंदिर पहुंचे। यहां उन्होेंने पुजारी शंकर दत्त भट्ट से पूजा अर्चना कराई। मनोज कुमार ने तीन दिन तक भंडारा आयोजित किया। उन्होंने कहा कि छुरमल देवता की कृपा से ही उनके दोनों भाई सेना में भर्ती हुए हैं। इस समय दोनों ट्रेनिंग ले रहे हैं। ट्रेनिंग पूरी होते ही वह अपने पूरे परिवार के साथ दोबारा यहां आकर पूजा-अर्चना करेंगे।
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बिहार के गया जिला निवासी मनोज कुमार सेना में हैं। उन्होंने बताया कि उनके दो भाई अनुज कुमार और सनुज कुमार लंबे समय से सेना में भर्ती के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन कुछ न कुछ अड़चन के कारण भर्ती नहीं हो पा रहे थे। पिछले साल उनकी बटालियन में तैनात डीडीहाट क्षेत्र के एक जवान ने उन्हें सिंगाली के धनलेख स्थित छुरमल देवता से भाइयों की भर्ती के लिए मनौती मांगने की सलाह दी।
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मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने यूनिट से ही छुरमल देवता का आह्वान कर दोनों भाइयों के भर्ती होने पर पूजा करने की मन्नत मांगी। तीन माह पूर्व हुई सेना भर्ती उनके दोनों भाइयों के लिए अंतिम चांस था। दोनों भाई सेना में भर्ती हो गए। दोनों भाइयों के सेना में भर्ती होते ही मनोज कुमार छुट्टी लेकर तीन दिन पहले सिंगाली स्थित धनलेख के छुरमल मंदिर पहुंचे। यहां उन्होेंने पुजारी शंकर दत्त भट्ट से पूजा अर्चना कराई। मनोज कुमार ने तीन दिन तक भंडारा आयोजित किया। उन्होंने कहा कि छुरमल देवता की कृपा से ही उनके दोनों भाई सेना में भर्ती हुए हैं। इस समय दोनों ट्रेनिंग ले रहे हैं। ट्रेनिंग पूरी होते ही वह अपने पूरे परिवार के साथ दोबारा यहां आकर पूजा-अर्चना करेंगे।
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