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धारचूला में ही रुका है कैलाश यात्रा का 17 वां दल
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नदीप, कैलाश यात्री।
- फोटो : PITHORAGARH
कैलाश मानसरोवर यात्रा के 17वें दल के यात्रियों को आधार शिविर धारचूला में ही रोका गया है। प्रशासन से निर्देश मिलने के बाद यात्रियों को आगे की यात्रा की अनुमति दी जाएगी। परिक्रमा पूरी कर लौटे 14वें दल के यात्रियों को गुंजी से बूंदी आने के निर्देश दिए गए हैं। ऊपरी क्षेत्र में रास्ते की स्थिति में अब सुधार बताया जा रहा है। 17वें दल के यात्री बृहस्पतिवार बूंदी को रवाना हो सकते हैं।
कैलाश यात्रा के 17वें दल के 56 यात्री 16 अगस्त की शाम आधार शिविर धारचूला पहुंचा। अगले दिन यात्री पहले पैदल पड़ाव बूंदी को रवाना हुए। गर्बाधार में सड़क बंद होने के चलते यात्रियों को उस दिन पांगला में रोका गया। 18 अगस्त को यात्री पांगला से बूंदी को निकले। मौसम खराब होने और ऊपरी क्षेत्र में पुल बहने, रास्ते क्षतिग्रस्त होने के चलते यात्रियों को छंकन, मालपा में रोका गया। खराब मौसम को देखते हुए 19 अगस्त को यात्रियों को आधार शिविर धारचूला पहुंचने के निर्देश दिए गए। दो यात्रियों ने निजी कारणों के चलते पहले ही यात्रा छोड़ दी थी। रास्तों की खराब स्थिति को देखते हुए मंगलवार को छह यात्री यात्रा बीच में ही छोड़ वापस हो गए।
बुधवार को महाराष्ट्र के रोमी अग्रवाल (52) निजी कारणों से यात्रा छोड़ वापस हो गए हैं। इस दल के अभी तक कुल नौ यात्री यात्रा छोड़ चुके हैं। शेष 47 यात्री भगवान भोलेनाथ की नगरी कैलाश के दर्शन को धारचूला में रुके हैं। यात्राधिकारी डीएस बिष्ट और मनीष मेहरा ने बताया कि प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण यात्रियों को धारचूला में ही रोका गया है। उन्होंने बताया कि ऊपरी क्षेत्र में रास्ते की स्थिति में अब सुधार है। बृहस्पतिवार को यात्रियों के आगे की यात्रा पर जाने की संभावना है।
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यात्रा की परेशानी भी भोलेनाथ का आशीर्वाद
रास्ता खराब होने के बावजूद यात्रियों के उत्साह और भोलेनाथ के प्रति आस्था में किसी भी तरह की कमी नहीं आई है। पहली बार कैलाश यात्रा पर जा रहीं दिल्ली की मनदीप चुग (50) का कहना है कि भोलेनाथ की नगरी के दर्शन को आई हूं तो यात्रा पूरी करके ही वापस जाऊंगी। कहा कि यात्रा में थोड़ी बहुत परेशानी तो होती ही है। इस परेशानी को भी भोलेनाथ के आशीर्वाद की तरह मानती हूं। फरीदाबाद के नरेंद्र प्रसाद और झारखंड के शैलेष कुमार का भी कहना है कि यात्रा पूरी कर ही वापस लौटेंगे। यात्री भोलेनाथ से मौसम के ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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कैलाश यात्रा के 17वें दल के 56 यात्री 16 अगस्त की शाम आधार शिविर धारचूला पहुंचा। अगले दिन यात्री पहले पैदल पड़ाव बूंदी को रवाना हुए। गर्बाधार में सड़क बंद होने के चलते यात्रियों को उस दिन पांगला में रोका गया। 18 अगस्त को यात्री पांगला से बूंदी को निकले। मौसम खराब होने और ऊपरी क्षेत्र में पुल बहने, रास्ते क्षतिग्रस्त होने के चलते यात्रियों को छंकन, मालपा में रोका गया। खराब मौसम को देखते हुए 19 अगस्त को यात्रियों को आधार शिविर धारचूला पहुंचने के निर्देश दिए गए। दो यात्रियों ने निजी कारणों के चलते पहले ही यात्रा छोड़ दी थी। रास्तों की खराब स्थिति को देखते हुए मंगलवार को छह यात्री यात्रा बीच में ही छोड़ वापस हो गए।
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बुधवार को महाराष्ट्र के रोमी अग्रवाल (52) निजी कारणों से यात्रा छोड़ वापस हो गए हैं। इस दल के अभी तक कुल नौ यात्री यात्रा छोड़ चुके हैं। शेष 47 यात्री भगवान भोलेनाथ की नगरी कैलाश के दर्शन को धारचूला में रुके हैं। यात्राधिकारी डीएस बिष्ट और मनीष मेहरा ने बताया कि प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण यात्रियों को धारचूला में ही रोका गया है। उन्होंने बताया कि ऊपरी क्षेत्र में रास्ते की स्थिति में अब सुधार है। बृहस्पतिवार को यात्रियों के आगे की यात्रा पर जाने की संभावना है।
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यात्रा की परेशानी भी भोलेनाथ का आशीर्वाद
रास्ता खराब होने के बावजूद यात्रियों के उत्साह और भोलेनाथ के प्रति आस्था में किसी भी तरह की कमी नहीं आई है। पहली बार कैलाश यात्रा पर जा रहीं दिल्ली की मनदीप चुग (50) का कहना है कि भोलेनाथ की नगरी के दर्शन को आई हूं तो यात्रा पूरी करके ही वापस जाऊंगी। कहा कि यात्रा में थोड़ी बहुत परेशानी तो होती ही है। इस परेशानी को भी भोलेनाथ के आशीर्वाद की तरह मानती हूं। फरीदाबाद के नरेंद्र प्रसाद और झारखंड के शैलेष कुमार का भी कहना है कि यात्रा पूरी कर ही वापस लौटेंगे। यात्री भोलेनाथ से मौसम के ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं।