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धारचूला में 13, गणाईगंगोली में 14 घंटे बिजली व्यवस्था भंग रही,
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डीडीहाट के देविसोना में ध्वस्त बिजली पोल।
- फोटो : PITHORAGARH
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लाइन पर पेड़ गिरने से धारचूला और गणाईगंगोली की विद्युत आपूर्ति सोमवार को रातभर ठप रही। मंगलवार की अपराह्न दोनों क्षेत्रों में बिजली बहाल हुई। उधर, मुवानी क्षेत्र की बिजली सप्लाई मंगलवार की सुबह 7 बजे ठप हो गई थी। देर शाम तक बिजली बहाल नहीं हुई थी।
धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार सो मवार देर रात करीब 2 बजे से धारचूला की बिजली गुल हो गई थी। बिजली न होने से धारचूला के साथ ही जौलजीबी, बलुवाकोट, कालिका, गलाती क्षेत्र की 40 हजार आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऊर्जा निगम के उपखंड अधिकारी डीएस निखुर्पा ने बताया कि तेज बारिश के कारण चर्मा और नारायण नगर में बिजली की लाइनों में पेड़ गिर गए थे। मंगलवार को सुबह से ही लाइन की मरम्मत का काम शुरू हो गया था। मंगलवार अपराह्न 3 बजे बिजली बहाल हुई।
उधर, गणाईगंगोली से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 12 बजे इलाके की बिजली गुल हो गई थी। लोगों को रात बगैर बिजली के काटनी पड़ी। मंगलवार दोपहर दो बजे बिजली बहाल हुई। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता नितिन गर्खाल ने बताया पिथौरागढ़ से आने वाली मेन लाइन के तार टूट गए थे। लाइन की मरम्मत कर ली गई है। क्षेत्र में मोबाइल फोन नेटवर्क भी दोपहर तक ठप रहा।
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डीडीहाट। देवीसूना और जमतड़ी के बीच स्थित एक बिजली का पोल धराशायी हो गया। इससे मौगड़ा, चौनाला, मदनपुरी, कूटा, बसौरा, तल्ली बसौरा, बांसाखोला और खर्का की बिजली गुल हो गई है।
देवीसूना से जमतड़ी की सड़क कटिंग के दौरान एक साल पूर्व यह पोल खतरे की जद में आ गया था। पूर्व बीडीसी सदस्य महेश कन्याल ने कई बार बिजली विभाग और पीएमजीएसवाई को मामले से अवगत कराया। इसके बावजूद संबंधित विभागों ने कोई ध्यान नहीं दिया। सोमवार की रात हुई बारिश के दौरान हुए भूस्खलन से पोल धराशायी हो गया। खतरे की आशंका को देखते हुए बिजली काट दी है। इस क्षेत्र में दो तीन बिजली के पोल और इसी तरह खतरे में आए हैं। लोगों में विभागों के खिलाफ आक्रोश है।
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धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार सो मवार देर रात करीब 2 बजे से धारचूला की बिजली गुल हो गई थी। बिजली न होने से धारचूला के साथ ही जौलजीबी, बलुवाकोट, कालिका, गलाती क्षेत्र की 40 हजार आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऊर्जा निगम के उपखंड अधिकारी डीएस निखुर्पा ने बताया कि तेज बारिश के कारण चर्मा और नारायण नगर में बिजली की लाइनों में पेड़ गिर गए थे। मंगलवार को सुबह से ही लाइन की मरम्मत का काम शुरू हो गया था। मंगलवार अपराह्न 3 बजे बिजली बहाल हुई।
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उधर, गणाईगंगोली से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 12 बजे इलाके की बिजली गुल हो गई थी। लोगों को रात बगैर बिजली के काटनी पड़ी। मंगलवार दोपहर दो बजे बिजली बहाल हुई। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता नितिन गर्खाल ने बताया पिथौरागढ़ से आने वाली मेन लाइन के तार टूट गए थे। लाइन की मरम्मत कर ली गई है। क्षेत्र में मोबाइल फोन नेटवर्क भी दोपहर तक ठप रहा।
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डीडीहाट। देवीसूना और जमतड़ी के बीच स्थित एक बिजली का पोल धराशायी हो गया। इससे मौगड़ा, चौनाला, मदनपुरी, कूटा, बसौरा, तल्ली बसौरा, बांसाखोला और खर्का की बिजली गुल हो गई है।
देवीसूना से जमतड़ी की सड़क कटिंग के दौरान एक साल पूर्व यह पोल खतरे की जद में आ गया था। पूर्व बीडीसी सदस्य महेश कन्याल ने कई बार बिजली विभाग और पीएमजीएसवाई को मामले से अवगत कराया। इसके बावजूद संबंधित विभागों ने कोई ध्यान नहीं दिया। सोमवार की रात हुई बारिश के दौरान हुए भूस्खलन से पोल धराशायी हो गया। खतरे की आशंका को देखते हुए बिजली काट दी है। इस क्षेत्र में दो तीन बिजली के पोल और इसी तरह खतरे में आए हैं। लोगों में विभागों के खिलाफ आक्रोश है।