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Pithoragarh News: छिपलाकेदार में अमृत जल पीएंगे श्रद्धालु
Tue, 19 Sep 2023 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 19 Sep 2023 10:39 PM IST
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। ग्राम सभा सेरा खर्तोली के ग्रामीणों का जत्था बुधवार प्रात: छिपलाकेदार की यात्रा के लिए प्रस्थान करेगा। इस दौरान ग्रामीण 15 किमी की खड़ी चढ़ाई नंगे पांव चलकर यात्रा करेंगे। पवित्र छिपलाकेदार में श्रद्धालु अमृत जल पीएंगे।
छिपलाकेदार के लिए बंगापानी क्षेत्र से खर्तोली और बाता गांव के ग्रामीणों की यात्रा सुबह आठ बजे शुरू होगी। यात्रा में युवाओं के साथ ही 10-12 साल के बच्चे और 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग भी शामिल होते हैं। यात्रा केदार के मंदिर भनार पहुंचती है। यात्री यात्रा पथ में शंख, घंटी, भकौर और वाद्य यंत्रों की धुन पर छिपलाकेदार के जयकारे के उद्घघोष के साथ आगे बढ़ते रहते हैं। यदि बीच में कोई यात्री थक जाता है तो अवतरित देवता दूध, गौमूत्र, पानी का छिड़काव करते हैं। यहां छोटे बच्चों का यज्ञोपवीत संस्कार किया जाता है। मंदिर के एक किनारे से कुछ पल के लिए वरपानी (अमृत जल) निकलता है। जल को एक तांबे या कांसे के पात्र में भर कर सभी भक्तों को दो-दो बूंद पीने को दिया जाता है फिर उसमें दूध-पानी मिलाकर घर लाया जाता है।
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छिपलाकेदार के लिए बंगापानी क्षेत्र से खर्तोली और बाता गांव के ग्रामीणों की यात्रा सुबह आठ बजे शुरू होगी। यात्रा में युवाओं के साथ ही 10-12 साल के बच्चे और 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग भी शामिल होते हैं। यात्रा केदार के मंदिर भनार पहुंचती है। यात्री यात्रा पथ में शंख, घंटी, भकौर और वाद्य यंत्रों की धुन पर छिपलाकेदार के जयकारे के उद्घघोष के साथ आगे बढ़ते रहते हैं। यदि बीच में कोई यात्री थक जाता है तो अवतरित देवता दूध, गौमूत्र, पानी का छिड़काव करते हैं। यहां छोटे बच्चों का यज्ञोपवीत संस्कार किया जाता है। मंदिर के एक किनारे से कुछ पल के लिए वरपानी (अमृत जल) निकलता है। जल को एक तांबे या कांसे के पात्र में भर कर सभी भक्तों को दो-दो बूंद पीने को दिया जाता है फिर उसमें दूध-पानी मिलाकर घर लाया जाता है।
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