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Pithoragarh News: भागवत कथा में भक्तों ने किया श्रीकृष्ण के प्रसंगों का श्रवण
Sun, 12 Jul 2026 11:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 12 Jul 2026 11:37 PM IST
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पिथौरागढ़। नगर के पांडेगांव स्थित अखंड परमधाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन ज्ञान, वैराग्य और भक्ति से जुड़े प्रसंगों के बीच श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म और भक्ति का संदेश ग्रहण किया।
कथावाचक पंडित राधाकृष्ण ने बताया कि विदर्भ के राजा भीष्म की पुत्री रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी का अवतार थीं। बचपन से ही उनके मन में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम था तथा उन्होंने उन्हें ही अपना पति मान लिया था। लेकिन उनके भाई रुक्मी ने श्रीकृष्ण से शत्रुता के कारण रुक्मिणी का विवाह राजा शिशुपाल से तय कर दिया। रुक्मिणी का संदेश मिलने पर भगवान श्रीकृष्ण ने उनका हरण कर उनसे विवाह किया।
कथा के समापन अवसर पर आयोजक पुनेठा परिवार ने बताया कि सोमवार को कथा के आठवें दिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील की।
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कथावाचक पंडित राधाकृष्ण ने बताया कि विदर्भ के राजा भीष्म की पुत्री रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी का अवतार थीं। बचपन से ही उनके मन में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम था तथा उन्होंने उन्हें ही अपना पति मान लिया था। लेकिन उनके भाई रुक्मी ने श्रीकृष्ण से शत्रुता के कारण रुक्मिणी का विवाह राजा शिशुपाल से तय कर दिया। रुक्मिणी का संदेश मिलने पर भगवान श्रीकृष्ण ने उनका हरण कर उनसे विवाह किया।
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कथा के समापन अवसर पर आयोजक पुनेठा परिवार ने बताया कि सोमवार को कथा के आठवें दिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील की।
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