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Pithoragarh News: असुविधा के बावजूद बस के भीतर ही सामान रखना बना यात्रियों की मजबूरी
Sat, 25 Jul 2026 10:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 25 Jul 2026 10:40 PM IST
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में लगेज स्पेस की भारी कमी के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। बसों के भीतर पर्याप्त जगह न होने के कारण यात्रियों की मजबूरी बन गया है कि वे अपना सामान या तो छोटे लगेज रैक पर रखें या फिर बस के गलियारे में ठूंस दें। पहाड़ी रास्तों के घुमावदार और संकरे सफर में यह स्थिति न केवल यात्रियों के लिए कष्टदायक होती है बल्कि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा जोखिम भी पैदा करती है।
नई बसों में छत पर सामान रैक नहीं हैं। पीछे की डिकी में केवल तीन-चार बड़े बैग ही आ पाते हैं। छोटी बसों में डिकी का आधा हिस्सा चेसिस घेर लेता है। सीटों के ऊपर के रैक छोटे सामान के लिए हैं, बड़े बैग रखने पर उनके गिरने का खतरा रहता है। खासकर पहाड़ी रास्तों पर झटकों से बैग नीचे गिर सकते हैं। जगह न मिलने पर यात्री गलियारे या सीट के आगे सामान रखते हैं जिससे आवाजाही मुश्किल होती है। इस असुविधा के कारण कई यात्री बसों की बजाय टैक्सी से यात्रा करना पसंद करते हैं।
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त्योहारों में यात्रियों की भीड़ रहती है। छतों में चढ़ने और दुर्घटनाओं की आशंका के मद्देनजर संभवत छत से कैरियर हटाए गए हैं। जितना संभव हो सकता है अंदर रैक और पीछे डिग्गी में सामान सुरक्षित तरीके से रखवाया जाता है। -आरएस कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो
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नई बसों में छत पर सामान रैक नहीं हैं। पीछे की डिकी में केवल तीन-चार बड़े बैग ही आ पाते हैं। छोटी बसों में डिकी का आधा हिस्सा चेसिस घेर लेता है। सीटों के ऊपर के रैक छोटे सामान के लिए हैं, बड़े बैग रखने पर उनके गिरने का खतरा रहता है। खासकर पहाड़ी रास्तों पर झटकों से बैग नीचे गिर सकते हैं। जगह न मिलने पर यात्री गलियारे या सीट के आगे सामान रखते हैं जिससे आवाजाही मुश्किल होती है। इस असुविधा के कारण कई यात्री बसों की बजाय टैक्सी से यात्रा करना पसंद करते हैं।
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त्योहारों में यात्रियों की भीड़ रहती है। छतों में चढ़ने और दुर्घटनाओं की आशंका के मद्देनजर संभवत छत से कैरियर हटाए गए हैं। जितना संभव हो सकता है अंदर रैक और पीछे डिग्गी में सामान सुरक्षित तरीके से रखवाया जाता है। -आरएस कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो
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