फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Despite facilities in hospitals, 600 pregnant women are referred in a year, claims exposed.

Pithoragarh News: अस्पतालों में सुविधाएं फिर भी एक साल में 600 गर्भवतियां रेफर, दावों की खुली पोल

Sat, 04 Apr 2026 11:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 04 Apr 2026 11:11 PM IST
विज्ञापन
Despite facilities in hospitals, 600 pregnant women are referred in a year, claims exposed.
पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के सरकारी दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में प्रसव की तमाम सुविधाएं होने के बावजूद पिछले एक साल में 600 गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर किया गया। आपातकालीन सेवा 108 से प्राप्त ये आंकड़े न केवल हैरान करने वाले हैं बल्कि जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिले के महिला अस्पताल सहित डीडीहाट, धारचूला, गंगोलीहाट, बेरीनाग और मुनस्यारी सीएचसी तथा कनालीछीना, गोचर, गणाई गंगोली और मुवानी पीएचसी में प्रसव के लिए स्टाफ नर्स और जरूरी उपकरण मौजूद हैं। इसके बावजूद, प्रसव के लिए पहुंचने वाली महिलाओं को गंभीर स्थिति बताकर हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। स्थानीय स्तर पर प्रसव नहीं होने से गर्भवतियों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए 20 से 130 किलोमीटर तक का लंबा सफर तय करना पड़ता है।
विज्ञापन

अस्पतालों के स्टाफ ने खड़े किए हाथ, 108 कर्मियों ने बचाई जान
जहां विशेषज्ञता रखने वाले स्वास्थ्यकर्मी प्रसव कराने से पीछे हट रहे हैं वहीं 108 एम्बुलेंस के कर्मियों ने बीते एक साल में 45 गर्भवतियों का सुरक्षित प्रसव एम्बुलेंस के भीतर ही कराया। रास्ते में हालत बिगड़ने पर एम्बुलेंस को सड़क किनारे खड़ा कर कर्मियों ने सूझबूझ से जच्चा-बच्चा की जान बचाई। आंकड़ों के अनुसार, कनालीछीना पीएचसी प्रसव कराने के मामले में सबसे पीछे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहते हैं जिम्मेदार
- अधिकांश पीएचसी और सीएचसी में प्रसव की सुविधाएं और स्टाफ पर्याप्त है। इसके बावजूद गर्भवतियों को रेफर करना गलत है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों के स्टाफ को स्थानीय स्तर पर प्रसव कराने के निर्देश दिए गए हैं। केवल अति गंभीर मामलों में ही रेफरल होना चाहिए। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़


- जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से हर महीने औसतन 40 से 50 गर्भवतियों को 108 एम्बुलेंस के जरिए हायर सेंटर पहुंचाया जाता है। कई बार एम्बुलेंस कर्मी रास्ते में ही सुरक्षित प्रसव कराते हैं। हमारी टीम पूरी जिम्मेदारी से दायित्व निभा रही है। - भास्कर शर्मा, जिला प्रभारी, 108 आपातकालीन सेवा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed