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Pithoragarh News: पानी के लिए परेशान ग्रामीणों का खाली बर्तन हाथ लेकर प्रदर्शन
Sat, 04 May 2024 10:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 04 May 2024 10:38 PM IST
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पिथौरागढ़ के धामीगौंडा गांव में खाली बर्तन हाथों में लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण। स्रोत: जागरूक
पिथौरागढ़। नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पेयजल किल्लत से परेशान हैं। धामीगौंडा गांव में लंबे समय से पेयजल समस्या गंभीर बनी हुई है। इसके बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है। लोगों ने गांव में ही खाली बर्तन हाथों में लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हेाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
शनिवार को धामीगौंडा के ग्रामीणों ने हाथ में खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि धौनधुरा-कुनकटिया योजना की पेयजल लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है जिससे घरों में दो माह से पानी नहीं आ रहा है। टैंकर से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जा रही है जो नाकाफी है। ग्रामीणों ने पेयजल योजना को शिफ्ट करने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में बबलू पांडेय, धर्मानंद पांडेय, दिनेश पांडेय, हरीश पांडेय सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
इधर पिथौरागढ़ नगर के रई क्षेत्र में एक माह से पेयजल की समस्या बनी हुई है। लंबे समय से लोग पेयजल समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र पेयजल समस्या का समाधान नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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थ्वालखेड़ा में पंप हाउस चालू न होने से गुस्सा
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र के थ्वालखेड़ा ग्राम सभा में नवनिर्मित पेयजल पंप हाउस चालू न होने से ग्रामीणों में गुस्सा है। ग्राम प्रधान दीपा बोहरा ने विभाग से पंप हाउस को चालू कर पेयजल आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा थ्वालखेड़ा के अंतर्गत वर्तमान में बूम-गै़डाखाली लाइन से पेयजल आपूर्ति की जा रही है जिसमें पानी कम आने से लोग हैंडपंपों पर अधिक निर्भर हैं। बारिश न होने से भूमिगत जल स्तर गिरने से हैंडपंप जवाब देने लगे हैं। समाजसेवी सौरभ बोहरा ने बताया कि दो साल से बन रहे पेयजल पंप हाउस को अभी तक चालू नहीं किया गया है। आरोप लगाया कि कभी मोटर तो कभी लाइन आदि की बात कहकर देरी की जा रही है। उन्होंने जल्द से जल्द पंप हाउस को चालू करने की मांग की है। संवाद
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सुंई लिफ्ट पेयजल योजना से शुद्ध पानी के लिए तरसे ग्रामीण
योजना चालू हुए बीत चुके पांच माह, दूषित पानी पीने को ग्रामीण हैं मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। सुंई क्षेत्र के लोगों को हर घर नल हर घर जल योजना का खास लाभ नहीं मिल रहा है। योजना के तहत बने लिफ्ट पेयजल योजना में दूषित पानी आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दूषित पानी पीने से ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।ग्रामीणों ने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
उप प्रधान योगेश ओली, दिनेश चंद्र, ललित ओली और विनोद कुमार ने बताया कि जल संस्थान ने हर घर जल हर घर नल योजना के तहत गांव के लिए पेयजल योजना का निर्माण किया था। करीब पांच माह पूर्व योजना चालू हो गई थी लेकिन इसमें से लगातार लाल दूषित पानी आ रहा है। वहीं लंबे समय से बारिश न होने से प्राकृतिक जलस्रोत सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि डीएम, विधायक, मंत्रियों और जल संस्थान के उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीण ने जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि पहले की अपेक्षा पानी की शुद्धता में काफी सुधार है। सभी गांवों में प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
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13 करोड़ की योजना के बाद पानी के लिए भटक रहे उडियारी के ग्रामीण
घरों में शोपीस बनकर रह गए हैं जल जीवन मिशन योजना के नल
संवाद न्यूज एजेंसी
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। तहसील मुख्यालय से 10 किमी दूर उडियारी गांव के ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने पिछले वर्ष पानी की मांग के लिए धरना-प्रदर्शन किया था। इसके चलते 70 ग्रामीणों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था। बावजूद इसके ग्रामीण आज भी नौले और धारों पर निर्भर हैं।
पिछले वर्ष आंदोलन के बाद गांव में पेयजल लाइन तो बिछाई गयी लेकिन ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। जल जीवन मिशन की 13 करोड़ की योजना के बाद भी ग्रामीण पानी के लिए भटकने को विवश हैं। ग्राम प्रधान उडियारी दीपा देवी और युवक मंगल दल के अध्यक्ष योगेश महरा ने बताया कि कुछ ही घरों में चौथे दिन पानी मिल रहा है। कुछ घरों में नल शो पीस बनकर रह गये हैं। धारे-नौलों में देर रात तक घंटों खड़े रहने के बाद पानी नसीब हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द पेयजल व्यवस्था को सुचारु नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इनसेट
योजना हैंड ओवर होने से पहले ही नलों में लगी जंग
बेरीनाग (पिथौरागढ़)। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत उडियारी गांव में पेयजल योजना के निर्माण में बड़ी स्तर पर धांधली देखने को मिल रही है। योजना में लगाए गए पाइप घटिया गुणवत्ता के होने के कारण हैंड ओवर होने से पहले ही इनमें जंग लग चुका है। योजना में बिछाए गए अधिकांश लाइन भी खुले में बिछाई गई है। पूर्व में भी ग्रामीणों ने योजना में भ्रष्टाचार होने की शिकायत उच्च अधिकारियों को की थी। संवाद
इनसेट
पिथौरागढ़ में एक दिन छोड़ कर मिलेगा पानी
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में भी पेयजल किल्लत बढ़ने लग गई है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि नगर के अधिकांश हिस्सों में एक दिन छोड़कर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पानी की अवधि आधा घंटा अधिक बढ़ाई गई है। बताया कि जिन जगहों पर पानी की दिक्कतें हो रही हैं, वहां टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि बिजली आपूर्ति सुचारु रहती है तो पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने समस्या को देखते हुए पानी खुलते समय लोगों से मोटर नहीं चलाने का अनुरोध किया है। संवाद
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पिथौरागढ़ में पानी के लिए महापंचायत कल
पिथौरागढ़। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल किल्लत को लेकर छह मई को पिथौरागढ़ में महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। जाग उठा पहाड़ के संयोजक और राज्य आंदोलनकारी गोपू महर का कहना है कि पिथौरागढ़ नगर के लिए एशिया की तीसरे नंबर की बड़ी घाट पंपिंग योजना, आंवलघाट पेयजल योजना बनी हुई हैं। इसके बाद भी लोग प्यासे हैं। नगर और अन्य क्षेत्रों में जल संस्थान की ओर से लगाए गए हैंडपंप खराब चल रहे हैं। लोग गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। वहीं पानी की दिक्कत के समाधान के लिए संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है। संवाद
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चंपावत जिले में पानी खरीदकर हो रहे शादी ब्याह
शादी में पेयजल के लिए तीन से चार हजार कर रहे खर्च
बारिश न होने से अधिकांश जल स्रोत लगे सूखने
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। अधिकांश स्थानों पर शादी में ग्रामीण क्षेत्र के लोग वाहनों के माध्यम से पानी खरीदकर शादी करने को मजबूर हैं।
जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने के साथ ही अधिकांश स्थानों पर पेयजल स्रोत सूखने लग गए हैं। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार बारिश न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों में 80 प्रतिशत की कमी आ गई है। इस कारण जिले के अधिकांश गांवों में लोग शादी में वाहनों के माध्यम से पेयजल को खरीदने के लिए मजबूर हैं। इस बार चंपावत बाजार क्षेत्र में क्वैराला पंपिंग योजना के सुचारु होने से पेयजल किल्लत से निजात जरूर मिली है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की हालात खराब है। गांवों में हर घर नल योजना से सभी घरों में कनेक्शन तो लगे हैं लेकिन पानी नहीं आने से वे शोपीस बने हुए हैं। लोग प्लांट से या फिर दूर-दराज से पानी खरीदकर बरातें कर रहें हैं। संवाद
इनसेट
दो से चार हजार का पड़ रहा है पानी का टैंकर
चंपावत। गर्मी के दिनों लोगों को शादी करना सामान्य से अधिक महंगा पड़ रहा है। लोगों को पानी की समस्या के लिए वाहनों के माध्यम से शादी बरातों में पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है। इसके लिए लोगों को दो से चार हजार रुपये प्रति वाहन के रूप में अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। संवाद
कोट
इस बार बारिश नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत हो रही है। हालांकि बाजार क्षेत्र में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। पेयजल स्रोतों में 80 प्रतिशत की गिरावट आई है। गांवों में वाहनों के माध्यम से पानी की सप्लाई कर समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। - बिलाल यूनूस, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान, चंपावत।
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खराब हैंडपंपों को ठीक करने का कार्य हुआ शुरू
चंपावत। जिला मुख्यालय के विभिन्न स्थानों पर खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक करने का कार्य शुरू हो गया है। बीते दिनों पूर्व सभासद सूरज प्रहरी ने जल संस्थान से खराब हैंडपंपों को ठीक करने की मांग उठाई थी। शनिवार को जल संस्थान की ओर से नगर क्षेत्र में खराब पड़े हंडपंपों को ठीक करना शुरू कर दिया गया है। इन हैंडपंपों के सही होने से नगर वासियों को पेयजल किल्लत से राहत मिलेगी। गर्मी बढ़ने के साथ ही नगर क्षेत्र में पेयजल किल्लत भी बढ़ने लगी है। इधर जल संस्थान के कनिष्ठ सहायक अभियंता हेमंत फुलारा ने बताया कि नगर क्षेत्र में 70 से अधिक हैंडपंप का निमार्ण किया गया है। इसमें से कुछ खराब हो गए थे। इनको सही किया जा रहा है। संवाद
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क्षतिग्रस्त ग्रामीण संपर्क मार्ग का जीर्णोद्धार करने की मांग
बनबसा (चंपावत)। ग्राम चूनाभट्टा में घर घर जल, घर घर नल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं कराए जाने से ग्रामीणों में रोष है। इस संबंध में चूनाभट्टा निवासी नीलांबर दत्त जोशी ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि घर-घर जल पहुंचाने के लिए लेकर ग्राम चूनाभट्टा में प्रमुख संपर्क मार्ग किनारे पाइप लाइन बिछाने के लिए जेसीबी से नाली का खुदान किया गया। इससे संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने पाइप लाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त हुई सड़क का शीघ्र जीर्णोद्धार कराने की मांग की है। संवाद
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शनिवार को धामीगौंडा के ग्रामीणों ने हाथ में खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि धौनधुरा-कुनकटिया योजना की पेयजल लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है जिससे घरों में दो माह से पानी नहीं आ रहा है। टैंकर से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जा रही है जो नाकाफी है। ग्रामीणों ने पेयजल योजना को शिफ्ट करने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में बबलू पांडेय, धर्मानंद पांडेय, दिनेश पांडेय, हरीश पांडेय सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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इधर पिथौरागढ़ नगर के रई क्षेत्र में एक माह से पेयजल की समस्या बनी हुई है। लंबे समय से लोग पेयजल समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र पेयजल समस्या का समाधान नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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थ्वालखेड़ा में पंप हाउस चालू न होने से गुस्सा
टनकपुर (चंपावत)। क्षेत्र के थ्वालखेड़ा ग्राम सभा में नवनिर्मित पेयजल पंप हाउस चालू न होने से ग्रामीणों में गुस्सा है। ग्राम प्रधान दीपा बोहरा ने विभाग से पंप हाउस को चालू कर पेयजल आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा थ्वालखेड़ा के अंतर्गत वर्तमान में बूम-गै़डाखाली लाइन से पेयजल आपूर्ति की जा रही है जिसमें पानी कम आने से लोग हैंडपंपों पर अधिक निर्भर हैं। बारिश न होने से भूमिगत जल स्तर गिरने से हैंडपंप जवाब देने लगे हैं। समाजसेवी सौरभ बोहरा ने बताया कि दो साल से बन रहे पेयजल पंप हाउस को अभी तक चालू नहीं किया गया है। आरोप लगाया कि कभी मोटर तो कभी लाइन आदि की बात कहकर देरी की जा रही है। उन्होंने जल्द से जल्द पंप हाउस को चालू करने की मांग की है। संवाद
सुंई लिफ्ट पेयजल योजना से शुद्ध पानी के लिए तरसे ग्रामीण
योजना चालू हुए बीत चुके पांच माह, दूषित पानी पीने को ग्रामीण हैं मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। सुंई क्षेत्र के लोगों को हर घर नल हर घर जल योजना का खास लाभ नहीं मिल रहा है। योजना के तहत बने लिफ्ट पेयजल योजना में दूषित पानी आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दूषित पानी पीने से ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।ग्रामीणों ने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
उप प्रधान योगेश ओली, दिनेश चंद्र, ललित ओली और विनोद कुमार ने बताया कि जल संस्थान ने हर घर जल हर घर नल योजना के तहत गांव के लिए पेयजल योजना का निर्माण किया था। करीब पांच माह पूर्व योजना चालू हो गई थी लेकिन इसमें से लगातार लाल दूषित पानी आ रहा है। वहीं लंबे समय से बारिश न होने से प्राकृतिक जलस्रोत सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि डीएम, विधायक, मंत्रियों और जल संस्थान के उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीण ने जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि पहले की अपेक्षा पानी की शुद्धता में काफी सुधार है। सभी गांवों में प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
13 करोड़ की योजना के बाद पानी के लिए भटक रहे उडियारी के ग्रामीण
घरों में शोपीस बनकर रह गए हैं जल जीवन मिशन योजना के नल
संवाद न्यूज एजेंसी
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। तहसील मुख्यालय से 10 किमी दूर उडियारी गांव के ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने पिछले वर्ष पानी की मांग के लिए धरना-प्रदर्शन किया था। इसके चलते 70 ग्रामीणों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था। बावजूद इसके ग्रामीण आज भी नौले और धारों पर निर्भर हैं।
पिछले वर्ष आंदोलन के बाद गांव में पेयजल लाइन तो बिछाई गयी लेकिन ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। जल जीवन मिशन की 13 करोड़ की योजना के बाद भी ग्रामीण पानी के लिए भटकने को विवश हैं। ग्राम प्रधान उडियारी दीपा देवी और युवक मंगल दल के अध्यक्ष योगेश महरा ने बताया कि कुछ ही घरों में चौथे दिन पानी मिल रहा है। कुछ घरों में नल शो पीस बनकर रह गये हैं। धारे-नौलों में देर रात तक घंटों खड़े रहने के बाद पानी नसीब हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द पेयजल व्यवस्था को सुचारु नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इनसेट
योजना हैंड ओवर होने से पहले ही नलों में लगी जंग
बेरीनाग (पिथौरागढ़)। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत उडियारी गांव में पेयजल योजना के निर्माण में बड़ी स्तर पर धांधली देखने को मिल रही है। योजना में लगाए गए पाइप घटिया गुणवत्ता के होने के कारण हैंड ओवर होने से पहले ही इनमें जंग लग चुका है। योजना में बिछाए गए अधिकांश लाइन भी खुले में बिछाई गई है। पूर्व में भी ग्रामीणों ने योजना में भ्रष्टाचार होने की शिकायत उच्च अधिकारियों को की थी। संवाद
इनसेट
पिथौरागढ़ में एक दिन छोड़ कर मिलेगा पानी
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में भी पेयजल किल्लत बढ़ने लग गई है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि नगर के अधिकांश हिस्सों में एक दिन छोड़कर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पानी की अवधि आधा घंटा अधिक बढ़ाई गई है। बताया कि जिन जगहों पर पानी की दिक्कतें हो रही हैं, वहां टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि बिजली आपूर्ति सुचारु रहती है तो पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने समस्या को देखते हुए पानी खुलते समय लोगों से मोटर नहीं चलाने का अनुरोध किया है। संवाद
पिथौरागढ़ में पानी के लिए महापंचायत कल
पिथौरागढ़। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल किल्लत को लेकर छह मई को पिथौरागढ़ में महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। जाग उठा पहाड़ के संयोजक और राज्य आंदोलनकारी गोपू महर का कहना है कि पिथौरागढ़ नगर के लिए एशिया की तीसरे नंबर की बड़ी घाट पंपिंग योजना, आंवलघाट पेयजल योजना बनी हुई हैं। इसके बाद भी लोग प्यासे हैं। नगर और अन्य क्षेत्रों में जल संस्थान की ओर से लगाए गए हैंडपंप खराब चल रहे हैं। लोग गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। वहीं पानी की दिक्कत के समाधान के लिए संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है। संवाद
चंपावत जिले में पानी खरीदकर हो रहे शादी ब्याह
शादी में पेयजल के लिए तीन से चार हजार कर रहे खर्च
बारिश न होने से अधिकांश जल स्रोत लगे सूखने
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। अधिकांश स्थानों पर शादी में ग्रामीण क्षेत्र के लोग वाहनों के माध्यम से पानी खरीदकर शादी करने को मजबूर हैं।
जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने के साथ ही अधिकांश स्थानों पर पेयजल स्रोत सूखने लग गए हैं। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार बारिश न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों में 80 प्रतिशत की कमी आ गई है। इस कारण जिले के अधिकांश गांवों में लोग शादी में वाहनों के माध्यम से पेयजल को खरीदने के लिए मजबूर हैं। इस बार चंपावत बाजार क्षेत्र में क्वैराला पंपिंग योजना के सुचारु होने से पेयजल किल्लत से निजात जरूर मिली है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की हालात खराब है। गांवों में हर घर नल योजना से सभी घरों में कनेक्शन तो लगे हैं लेकिन पानी नहीं आने से वे शोपीस बने हुए हैं। लोग प्लांट से या फिर दूर-दराज से पानी खरीदकर बरातें कर रहें हैं। संवाद
इनसेट
दो से चार हजार का पड़ रहा है पानी का टैंकर
चंपावत। गर्मी के दिनों लोगों को शादी करना सामान्य से अधिक महंगा पड़ रहा है। लोगों को पानी की समस्या के लिए वाहनों के माध्यम से शादी बरातों में पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है। इसके लिए लोगों को दो से चार हजार रुपये प्रति वाहन के रूप में अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। संवाद
कोट
इस बार बारिश नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत हो रही है। हालांकि बाजार क्षेत्र में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। पेयजल स्रोतों में 80 प्रतिशत की गिरावट आई है। गांवों में वाहनों के माध्यम से पानी की सप्लाई कर समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। - बिलाल यूनूस, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान, चंपावत।
खराब हैंडपंपों को ठीक करने का कार्य हुआ शुरू
चंपावत। जिला मुख्यालय के विभिन्न स्थानों पर खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक करने का कार्य शुरू हो गया है। बीते दिनों पूर्व सभासद सूरज प्रहरी ने जल संस्थान से खराब हैंडपंपों को ठीक करने की मांग उठाई थी। शनिवार को जल संस्थान की ओर से नगर क्षेत्र में खराब पड़े हंडपंपों को ठीक करना शुरू कर दिया गया है। इन हैंडपंपों के सही होने से नगर वासियों को पेयजल किल्लत से राहत मिलेगी। गर्मी बढ़ने के साथ ही नगर क्षेत्र में पेयजल किल्लत भी बढ़ने लगी है। इधर जल संस्थान के कनिष्ठ सहायक अभियंता हेमंत फुलारा ने बताया कि नगर क्षेत्र में 70 से अधिक हैंडपंप का निमार्ण किया गया है। इसमें से कुछ खराब हो गए थे। इनको सही किया जा रहा है। संवाद
क्षतिग्रस्त ग्रामीण संपर्क मार्ग का जीर्णोद्धार करने की मांग
बनबसा (चंपावत)। ग्राम चूनाभट्टा में घर घर जल, घर घर नल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं कराए जाने से ग्रामीणों में रोष है। इस संबंध में चूनाभट्टा निवासी नीलांबर दत्त जोशी ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि घर-घर जल पहुंचाने के लिए लेकर ग्राम चूनाभट्टा में प्रमुख संपर्क मार्ग किनारे पाइप लाइन बिछाने के लिए जेसीबी से नाली का खुदान किया गया। इससे संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने पाइप लाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त हुई सड़क का शीघ्र जीर्णोद्धार कराने की मांग की है। संवाद