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रूंग के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को किया प्रदर्शन
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चौंदास घाटी के रूंग के ग्रामीण सड़क निर्माण को लेकर प्रदर्शन करते हुए।
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। ठेकेदार की लापरवाही से सिरखा से रूंग सड़क की कटिंग नहीं हो पाई है, इस कारण एक हजार से अधिक की आबादी परेशान है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी सड़क निर्माण के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। मांग पूरी न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को लोनिवि के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ठेकेदार तीन साल से सड़क के लिए पहाड़ कटिंग कार्य पूरा नहीं कर पाया। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को तीन किमी गांव से ऊपर की और खड़ी चढ़ाई चढ़कर सिर्खा और पांच किमी गांव से नीचे की और पांगला की और पैदल चलकर सड़क मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ता है। रूंग निवासी बुजुर्ग मंगल सिंह पायर और आनंद सिंह पायर ने कहा कि गांव में सड़क न होने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती, बीमार, बुजुर्ग ग्रामीणों को घोड़े खच्चरों या डोली से तीन किमी खड़ी चढ़ाई चढ़कर सिर्खा सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इसके बाद लोग धारचूला पहुंच पाते है।
सामाजिक कार्यकर्ता गगन पतियाल ने कहा कि गांव तक सड़क न होने से लोगों को घोड़े खच्चरों से राशन और अन्य सामग्री लाने, ले जाने में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भाड़ा देना पड़ता है। ग्राम प्रधान कुसुम ह्यांकी ने बताया कि सोसा-सिर्खा सड़क जुड़े तीन साल से ज्यादा समय हो चुका है। ग्राम पंचायत रूंग के बाबला, तिज्या तोक तक सड़क नहीं पहुंच सकी है। पद्मश्री मोहन सिंह गुंज्याल, राजेंद्र गुंज्याल, हरीश गुंज्याल, सुरेश गुंज्याल ने बताया कि तीन दिन पूर्व गांव में अपने किसी रिश्तेदार की शादी में गए थे। उन्हें रूंग गांव तक सड़क न होने से तीन किमी पैदल यात्रा करनी पड़ी।
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कुछ साल पहले सिर्खा-रूंग सड़क की कटिंग शुरू की गई थी, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह कार्य रुक गया। इसलिए ठेकेदार की जमानत राशि जब्त कर दी है। नई निविदा निकाली गई है। मई में सड़क कटिंग कार्य शुरू जाएगा। - जीसी भट्ट, एई, लोनिवि खंड, धारचूला।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को लोनिवि के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ठेकेदार तीन साल से सड़क के लिए पहाड़ कटिंग कार्य पूरा नहीं कर पाया। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को तीन किमी गांव से ऊपर की और खड़ी चढ़ाई चढ़कर सिर्खा और पांच किमी गांव से नीचे की और पांगला की और पैदल चलकर सड़क मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ता है। रूंग निवासी बुजुर्ग मंगल सिंह पायर और आनंद सिंह पायर ने कहा कि गांव में सड़क न होने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती, बीमार, बुजुर्ग ग्रामीणों को घोड़े खच्चरों या डोली से तीन किमी खड़ी चढ़ाई चढ़कर सिर्खा सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इसके बाद लोग धारचूला पहुंच पाते है।
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सामाजिक कार्यकर्ता गगन पतियाल ने कहा कि गांव तक सड़क न होने से लोगों को घोड़े खच्चरों से राशन और अन्य सामग्री लाने, ले जाने में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भाड़ा देना पड़ता है। ग्राम प्रधान कुसुम ह्यांकी ने बताया कि सोसा-सिर्खा सड़क जुड़े तीन साल से ज्यादा समय हो चुका है। ग्राम पंचायत रूंग के बाबला, तिज्या तोक तक सड़क नहीं पहुंच सकी है। पद्मश्री मोहन सिंह गुंज्याल, राजेंद्र गुंज्याल, हरीश गुंज्याल, सुरेश गुंज्याल ने बताया कि तीन दिन पूर्व गांव में अपने किसी रिश्तेदार की शादी में गए थे। उन्हें रूंग गांव तक सड़क न होने से तीन किमी पैदल यात्रा करनी पड़ी।
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कुछ साल पहले सिर्खा-रूंग सड़क की कटिंग शुरू की गई थी, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह कार्य रुक गया। इसलिए ठेकेदार की जमानत राशि जब्त कर दी है। नई निविदा निकाली गई है। मई में सड़क कटिंग कार्य शुरू जाएगा। - जीसी भट्ट, एई, लोनिवि खंड, धारचूला।