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नंदा गौरा योजना में पूर्व में निर्धारित मानकों को मान्य करने की मांग
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बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। ब्लॉक प्रमुख विनीता बाफिला ने नंदा गौरा देवी योजना में सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जन गणना (एसईसीसी) की स्थिति के आकलन की बाध्यता हटाने की मांग की है। उन्होंने इस बाबत सीएम पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या को पत्र भेजा है।
कहा है कि नंदा गौरा देवी योजना में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण बालिकाओं को 51 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके लिए बालिकाओं ने बाल विकास परियोजना कार्यालय में आवेदन पत्र जमा किए हैं। सात नवंबर को महिला सशक्तीकरण और बाल विकास निदेशालय ने प्रारूप-दो के मानकों में परिवर्तन कर 12वीं कक्षा उत्तीर्ण बालिकाओं के लिए नया प्रारूप प्रकाशित किया है। इसमें सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना में परिवार की स्थिति के आकलन की प्रति मांगी है।
इस योजना में लाभार्थियों का नाम एसईसीसी डाटा 2011 में नहीं होने से काफी दिक्कतें हो रही है। वह नंदा गौरा योजना से लाभान्वित नहीं हो पा रहीं हैं। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि एसईसीसी डाटा 2011 सूची पूर्ण रूप से त्रुटिपूर्ण है और न्यायसंगत नहीं है। वास्तविक लोगों का नाम सूची में दर्ज नहीं है। उन्होंने पूर्व में निर्धारित मानकों को ही मान्य करने की मांग की है।
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कहा है कि नंदा गौरा देवी योजना में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण बालिकाओं को 51 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके लिए बालिकाओं ने बाल विकास परियोजना कार्यालय में आवेदन पत्र जमा किए हैं। सात नवंबर को महिला सशक्तीकरण और बाल विकास निदेशालय ने प्रारूप-दो के मानकों में परिवर्तन कर 12वीं कक्षा उत्तीर्ण बालिकाओं के लिए नया प्रारूप प्रकाशित किया है। इसमें सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना में परिवार की स्थिति के आकलन की प्रति मांगी है।
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इस योजना में लाभार्थियों का नाम एसईसीसी डाटा 2011 में नहीं होने से काफी दिक्कतें हो रही है। वह नंदा गौरा योजना से लाभान्वित नहीं हो पा रहीं हैं। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि एसईसीसी डाटा 2011 सूची पूर्ण रूप से त्रुटिपूर्ण है और न्यायसंगत नहीं है। वास्तविक लोगों का नाम सूची में दर्ज नहीं है। उन्होंने पूर्व में निर्धारित मानकों को ही मान्य करने की मांग की है।
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