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Pithoragarh News: मुख्यमंत्री से की काणाधार तक सड़क निर्माण की मांग
Tue, 16 Jan 2024 10:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 16 Jan 2024 10:20 PM IST
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विधायक बिशन सिंह चुफाल को ज्ञापन सौंपते काणाधार गांव के लोग। संवाद
पिथौरागढ़। कनालीछीना विकासखंड का काणाधार गांव आज भी सड़क से नहीं जुड़ पाया है। यहां के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए आठ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। क्षेत्रवासियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा है कि काणाधार के लिए दो दशक पूर्व आठ किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। छड़नदेव से डुंडू तक केवल तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। इससे आगे सड़क नहीं होने से लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ती है। दशकों तक सड़क बनने का इंतजार करने के बावजूद यातायात सुविधा नहीं मिलने पर अधिकांश परिवार गांव से पलायन कर गए। जो परिवार गांव में रह रहे हैं उन्हें पैदल ही आवागमन करना पड़ता है। किसी के बीमार पड़ने पर उसे डोली में रखकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कहा कि इतने वर्षों बाद दो किमी सड़क को स्वीकृति मिली है। जिसका निर्माण कार्य चल रहा है। दो किलोमीटर बनने के बाद भी यह सड़क केवल मलान गांव तक ही पहुंच सकेगी। उन्हें तीन किलोमीटर पैदल ही चलना पड़ेगा। उन्होंने लोगों की समस्या को देखते हुए काणाधार तक सड़क के लिए भी धनराशि स्वीकृत करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान हेमा पंत, पुष्कर जोशी, हरीश जोशी, राजेश पंत, उमेद राम, पुष्कर सिंह आदि शामिल रहे।
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ग्रामीणों ने कहा है कि काणाधार के लिए दो दशक पूर्व आठ किमी सड़क स्वीकृत हुई थी। छड़नदेव से डुंडू तक केवल तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। इससे आगे सड़क नहीं होने से लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ती है। दशकों तक सड़क बनने का इंतजार करने के बावजूद यातायात सुविधा नहीं मिलने पर अधिकांश परिवार गांव से पलायन कर गए। जो परिवार गांव में रह रहे हैं उन्हें पैदल ही आवागमन करना पड़ता है। किसी के बीमार पड़ने पर उसे डोली में रखकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
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ग्रामीणों ने कहा कि इतने वर्षों बाद दो किमी सड़क को स्वीकृति मिली है। जिसका निर्माण कार्य चल रहा है। दो किलोमीटर बनने के बाद भी यह सड़क केवल मलान गांव तक ही पहुंच सकेगी। उन्हें तीन किलोमीटर पैदल ही चलना पड़ेगा। उन्होंने लोगों की समस्या को देखते हुए काणाधार तक सड़क के लिए भी धनराशि स्वीकृत करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान हेमा पंत, पुष्कर जोशी, हरीश जोशी, राजेश पंत, उमेद राम, पुष्कर सिंह आदि शामिल रहे।
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